इंजीनियरिंग काॅलेज पुलिस की मदद से संचालक को उठाया। फिर उससे पूछताछ के बाद किशोरी तक पुलिस पहुंच गई। किशोरी के बताने पर आरोपी पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी सोनू ने बताया कि उसकी दोस्ती किशोरी से फेसबुक पर हुई थी। फिर किशोरी घर से नाराज होकर उसके पास आ गई। वह सिंघड़िया आदर्श नगर में रहता था। लेकिन, लड़की के आने के बाद भैरोपुर में किराए के कमरे में लड़की संग रहने लगा।
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प्रभारी निरीक्षक कैंट रणधीर मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग में कैंट पुलिस गई थी। कागजी कार्रवाई पूरी कर छत्तीसगढ़ पुलिस किशोरी और आरोपी को साथ लेकर चली गई।
आरोपी सोनू पासवान ने किशोरी के नासमझी का फायदा उठाया। दरअसल, किशोरी को लगता है कि उसके पिता सिर्फ उसकी बड़ी बहन को ही दुलार करते हैं, उसकी अनदेखी करते हैं। बस इसी वजह से वह परेशान थी और इसी बीच सोशल मीडिया की मदद से आरोपी सोनू उसकी जिंदगी में आ गया।
उसे गुमराह कर बड़े-बड़े सपने दिखाए और फिर एक दिन किशोरी ने अपना घर छोड़ दिया और उसके साथ रहने को राजी हो गई। किशोरी ने पुलिस को बताया, वह अपनी मर्जी से आई है। वर्तमान में बालिग है। कहा कि, पिता बड़ी बेटी को जॉब व मोबाइल आदि की छूट देते थे, पर उसे नहीं।
लड़के की मां बोली, मैं उसे घर भेजने वाली थी
किशोरी को भैरोपुर में छिपाकर रखा गया है, इस बात की जानकारी आरोपी सोनू पासवान की मां को भी थी। अब पकड़े जाने के बाद मां ने बताया कि एक हफ्ते पहले ही वह लड़की को उसके घर भेजने वाली थी, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। इसलिए उसे सुरक्षित रखकर समझा रही थी। लेकिन, पुलिस को अब तक न बताने के सवाल पर चुप्पी साध ली। पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।