साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर शहर के एक व्यापारी नेता को ठगने की कोशिश की। संभल के एसपी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर व्यापारी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। बातचीत के दौरान सेना के अधिकारी के स्थानांतरण और सस्ते दाम पर फर्नीचर बेचने का झांसा देकर 85 हजार रुपये खाते में जमा कराने की कोशिश की गई।
संदेह होने पर व्यापारी ने सीधे संभल एसपी से संपर्क किया तो पूरा मामला फर्जी निकला। जानकारी के मुताबिक, चैंबर ऑफ टेक्सटाइल्स के अध्यक्ष राजेश नेभानी के फेसबुक अकाउंट पर शनिवार को संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई।
सामने वाले व्यक्ति ने खुद को एसपी संभल बताते हुए कहा कि गोरखपुर में तैनात सेना के एक अधिकारी उनके परिचित हैं, जिनका स्थानांतरण हो गया है। वह कम कीमत पर अपना फर्नीचर और घरेलू सामान बेचना चाहते हैं। इसके बाद फर्जी एसपी ने व्यापारी को एक मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि सामान खरीदने के लिए उनसे बात कर लें।
कुछ देर बाद राजेश नेभानी के पास दूसरे नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम संतोष कुमार बताया और खुद को सेना का अधिकारी बताया। उसने कहा कि फर्नीचर खरीदने के लिए उसके खाते में 85 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कर दें।
ठग ने व्यापारी को सोफा और बेड की तस्वीरें भी भेजीं और भरोसा दिलाया कि भुगतान के बाद सामान पहुंचा दिया जाएगा। पूरी बातचीत के दौरान व्यापारी को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल संभल एसपी से संपर्क कर मामले की जानकारी ली।
एसपी ने स्पष्ट किया कि उनके नाम से बनाई गई फेसबुक आईडी फर्जी है। साइबर अपराधी उनकी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अधिकारी या परिचित के नाम से आए ऑनलाइन संदेश और रुपये की मांग की पुष्टि जरूर करें।