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गोरखपुर: चलती ट्रेन में तबीयत बिगड़ी तो फौरन मिलेगा इलाज, जानिए क्या करना होगा

Sun, 18 Jul 2021 02:12 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

डॉक्टर के आने का खर्च 200 रुपये यात्री को जमा करना पड़ेगा। जांच के बाद अगर हालत गंभीर मिलती है तो डॉक्टर भर्ती करने की सलाह देगा और सरकारी अस्पताल में रेफर कर देगा।
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भारतीय रेल - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ट्रेन में सफर के दौरान अगर बीमार पड़ जाते हैं या फिर स्वास्थ्य संबंधी किसी समस्या से परेशान हो जाते हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। ट्रेन में भी गार्ड के पास दवा मौजूद होती है। बस आपको टीटीई को सूचना देनी पड़ेगी।

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अगर तबियत ज्यादा खराब है तो टीटीई कंट्रोल रूम में मैसेज करके अगले स्टॉपेज पर डॉक्टर बुलाने की मांग यात्री मित्र से करेगा। डॉक्टर के आने का खर्च 200 रुपये यात्री को जमा करना पड़ेगा। जांच के बाद अगर हालत गंभीर मिलती है तो डॉक्टर भर्ती करने की सलाह देगा और सरकारी अस्पताल में रेफर कर देगा।

इसके अलावा चलती ट्रेन में आपकी या आपके किसी सहयात्री की तबीयत खराब होने पर आप 138 नंबर तुरंत कॉल कर सकते हैं। इससे अगले स्टेशन तक आपके पास डॉक्टर पहुंच जाएंगे।
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फर्स्ट एड बॉक्स में 58 तरह की दवाएं
यात्रियों की मदद के लिए ट्रेनों में नए वाले मेडिकल बॉक्स दिए गए हैं। फर्स्ट एड बॉक्स में 58 तरह की दवाईयां, फर्स्ट एड से जुड़ी हर तरह की चीजों को मुहैया कराया गया है। इसमें बुखार, सर्दी जुखाम, पेट दर्द, सिर दर्द आदि दवाएं तो रहेंगी ही मरहम पट्टी का भी इंतजाम किया गया है।

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