गोरखपुर जिले के ऐसे लोग जो बूस्टर डोज लगवाने के लिए योग्य हैं, उनके पास इस टीके को निशुल्क लगवाने के लिए 30 सितंबर तक का ही समय शेष है। उसके बाद इस डोज को लगवाने के लिए रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
जिले के 28 लाख लोगों को 75 दिन के अंदर कोरोनारोधी टीके की निशुल्क एहतियाती डोज लगाई जानी थी। इसके सापेक्ष अब तक केवल नौ लाख 27 हजार लोगों को ही बूस्टर डोज लग सकी है। जबकि, इसे लेकर विभाग ने कई दिनों तक मेगा अभियान भी चलाया। इसके बाद भी लोग बूथों पर नहीं पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक, आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शासन ने 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को निशुल्क बूस्टर डोज लगाने का फैसला लिया था। इसके लिए 15 जुलाई से अभियान भी शुरू किया गया था। अभियान के तहत हर रविवार को मेगा बूस्टर डोज शिविर भी लगाया जा रहा था। इसका असर यह रहा है कि सात प्रतिशत से बढ़कर बूस्टर डोज का आंकड़ा करीब 38 फीसदी पहुंच गया। इसके बाद भी अभी 62 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिनकी बूस्टर डोज का समय पूरा हो चुका है, लेकिन वह टीका नहीं लगवा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि 30 सितंबर तक शासन ने निशुल्क बूस्टर डोज लगाने की समय सीमा तय की है। इसके बाद टीका निशुल्क लगेगा या नहीं। इस पर कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। अगर शासन की तरफ से कोई फैसला नहीं आता है, तो लोगों को बूस्टर डोज के लिए निजी अस्पतालों में रुपये खर्च करके वैक्सीन लगवानी होगी। बताया कि अभियान के बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।
इसे भी पढ़ें: अनाथ आश्रम की आड़ में बेचे जा रहा थे बच्चे, अपने ही बुने जाल में फंस कर गिरोह का हुआ भंडाफोड़