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शराब की दुकानें खुली तो बढ़ गए ये मामले, घनघनाने लगी इन विशेषज्ञों के फोन की घंटी

Sat, 09 May 2020 05:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
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लॉकडाउन के 40 दिनों तक हड्डी रोग विशेषज्ञ खाली थे। उनके पास गिने-चुने व पुराने मरीज ही थे जो टेलीफोन पर सलाह ले रहे थे। लेकिन इसे संयोग कहे या दुर्योग, चार मई के बाद जब से शराब की दुकानें खुली हैं, हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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केस एक
नंदानगर का 32 वर्षीय युवक छह मई को बाइक से गिर गया। बीआरडी में परिजन इलाज के लिए ले गए तो पता चला कि युवक ने काफी शराब पी रखी थी। उसके हाथ और जांघ में फ्रैक्चर है। मौजूदा समय में अस्पताल में भर्ती है।  
 
केस दो
मानीराम का एक व्यक्ति सात मई को बाइक से जा रहा था। शराब पीने की वजह से सड़क किनारे दीवार से टकरा गया। उसके सिर में हल्की चोट लगी है, लेकिन दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो गया है। जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
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पिछले चार दिनों की बात करें तो 28 से अधिक केस फ्रैक्चर के जिला अस्पताल में आए हैं। इनमें 17 केस तो सात मई के दिन के हैं। यह आंकड़े तो केवल जिला अस्पताल के हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की बात करें तो शराब की दुकानों के खुलने के अगले दिन से लेकर अब तक आर्थो के 48 केस इमरजेंसी में आ चुके हैं। इनमें एक गोली कांड का भी मामला शामिल है। कुछ केस स्टडी इस बात की तस्दीक करते हैं कि दुर्घटनाओं के मामलों में शराब बिक्री का भी योगदान है।
 
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आर्थो सर्जन डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि शराब की दुकानें खुलने के बाद अचानक फ्रैक्चर के मामले बढ़ गए हैं, जबकि लॉकडाउन के दौरान गिने-चुने ही इमरजेंसी में केस आते थे। लेकिन जब से शराब मिलने लगी है तब से प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक केस केवल फ्रैक्चर के आ रहे हैं। इसे लेकर हम लोग भी मंथन कर रहे हैं।
 
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में अचानक फ्रैक्चर के मामले बढ़े हैं। लॉकडाउन के दौरान इमरजेंसी में फ्रैक्चर के मामले नाम मात्र के आए थे। लेकिन पिछले तीन दिनों में अचानक फ्रैक्चर के मामले बढ़ गए हैं। इनमें ज्यादातर मरीज शराब पीने वाले ही हैं। किसी का हाथ फ्रैक्चर है तो किसी का पैर। उन सभी का इलाज किया जा रहा है।
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