कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अप्रैल और मई माह में गोरखपुर मंडल के चार हजार से अधिक लोगों ने विभिन्न सरकारी बैंकों से 72 करोड़ रुपये से अधिक का व्यक्तिगत कर्ज लिया है। वहीं, मंडल के करीब 10 हजार लोग विभिन्न सरकारी बैंकों के 363 करोड़ रुपये की कर्ज राशि नहीं चुका पाए हैं। अब बैंकों की ओर से लोगों से कर्ज की राशि चुकाने के लिए आग्रह किया जा रहा है।
बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से उद्योगों की स्थिति थमी हुई है। बाजार बंद हैं। कारोबार ठप है। इस वजह से विभिन्न फैक्ट्रियों और दुकानों में काम करने वालों के सामने पिछले दो महीने से जीवनयापन का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में लोगों ने बैंक से पर्सनल लोन लेकर गुजारा किया है।
वहीं, अप्रैल और मई माह में काफी संख्या में कारोबारी और वेतनभोगी बैंक से लिए कर्ज की किस्त नहीं चुका पाए हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक एलबी झा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के शुरू होने के बाद से डिफॉल्टरों की संख्या काफी बढ़ी है। ऐसे लोगों को किस्त जमा करने के लिए रिमाइंडर भेजा रहा है।