फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोलकाता में ज्वेलरी शॉप में डकैती के चार आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ के बाद दबोचे गए

Wed, 13 May 2020 01:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
विज्ञापन
गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कोलकाता के ज्वेलरी शॉप में डकैती गोरखपुर और संत कबीर नगर के बदमाशों ने डाली थी। एसटीएफ ने मंगलवार को पर्दाफाश करते हुए गिरोह के चार बदमाशों को गोरखपुर के खोराबार बाईपास पर स्थित एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास मुठभेड़ में दबोच लिया। 

विज्ञापन


इस दौरान बदमाशों ने एसटीएफ पर फायरिंग कर भागने की भी कोशिश की थी मगर सफल ना हो सके। पकड़े गए चारों बदमाशों के ऊपर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमें विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। एसटीएफ की टीम ने उन्हें खोराबार पुलिस को सौंप दिया है। इनके पास से लूट के गहने, नकदी और घटना में इस्तेमला असलहा भी बरामद हुआ है।

पकड़े गए बदमाशों की पहचान गोरखपुर के बड़हलगंज कोतवाली क्षेत्र के चैनपुर निवासी जयहिंद, इसी क्षेत्र के तिहा मोहम्मदपुर का विशाल राय उर्फ राजू राय तथा इसी गांव के पकंज राय और संतकबीरनगर के धनघटना थाना क्षेत्र के भैंसा टीकर गांव निवासी पुरुषोत्तम उर्फ जितेन्द्र के रूप में हुई। 
विज्ञापन


एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि  20 मार्च को पश्चिम बंगाल प्रदेश के बरासत जिले के मध्यग्राम थाना क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप में डकैती पड़ी थी। बदमाशों ने वहां से गहने और रुपये लूट लिए थे। उनकी तलाश में पश्चिम बंगाल पुलिस लगी हुई थी। इस बीच एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के सब इंस्पेक्टर आलोक कुमार राय को मुखबिर से सूचना मिली कि डकैती में शामिल एक युवक अपने साथियों से मिलने देवरिया बाईपास पर निर्माणाधीन भवन में मिलने वाला है। 

लूट के गहने और रुपये का यहां बंटवारा होने वाला है। टीम ने घेराबंदी की तो बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे। टीम ने उन्हें घेर कर पकड़ लिया। पकड़े गए बदमाशों ने डकैती की घटना स्वीकार की और बताया कि वहां से भागकर गोरखपुर आ गए थे। पूछताछ में पता चला कि डकैती में पांच लोग शामिल थे उनका एक साथी चंदन राय बंटवारे में नहीं आया था। पुलिस टीम चंदन राय की तलाश कर रही है।

विज्ञापन

जेल में मुलाकात फिर बना लिया था गैंग

एसटीएफ की पूछताछ में  आरोपितों ने बताया उनकी मुलाकात जेल में हुई थी। जय हिंद ने बताया 2016 में मारपीट की घटना में मैं जेल गया था वहीं मेरी मुलाकात इंद्रजीत सिंह से और कैलाश डाड़ी से हुई थी। उन लोगों के साथ मिलकर मैंने बड़हलगंज में समूह का पैसा लूटा जिसमें मैं दोबारा जेल गया उसके बाद बस्ती में असलहा और लूट की घटनाओं में भी जेल गया था। मेरे ऊपर कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं।

अभियुक्त पुरुषोत्तम उर्फ जितेंद्र ने बताया कि मैं वर्ष 2012 में जनपद संतकबीर नगर से मोटरसाइकिल लूट की घटना में जेल गया था करीब 18 महीने जेल में रहा जेल से छूटने के बाद मैने तीन हत्या व कई लूट के वारदातों को अंजाम दिया था इस समय मेरे ऊपर करीब 15 मुकदमें दर्ज हैं। वहीं अभियुक्त पंकज राय ने बताया कि मैं फायरिंग व लूट  की घटना में जेल जा चुका हूं। विशाल राय के बारे में अभी जांच की जा रही है।

ग्राहक बनकर गए रेकी की और फिर डाली डकैती
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डकैती डालने से पहले वह ग्राहक बनकर दुकान में कहते हैं रेकी कर उन्होंने दुकान का चप्पा चप्पा जान लिया और फिर वारदात को अंजाम दिया था।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी तस्वीर
वारदात की पूरी घटना  सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।  उसी आधार पर पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी थी। कोलकता टीम ने इस मामले में यूपी एसटीएफ से भी मदद मांगी थी।

यह हुआ है बरामद
दो सोने के हार ,तीन सोने की चेन,8 सोने की अंगूठी,दो मोबाइल फोन,दो तमंचा,दो जिंदा व दो खोखा कारतूस, एक मोटरसाइकिल,21000 नगद बरामद हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें