भ्रष्टाचार व लूट का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण तनु भटनागर ने गोंडा जिले के जीआरपी थाने के तत्कालीन आरक्षी प्रहलाद सिंह, यदुवंश यादव, चकधन नाथ व सुभाष चंद्र यादव को सात साल के कठोर कारावास एवं प्रत्येक अभियुक्त को तीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि 17/18 अप्रैल 2006 की रात अंजनी कुमार सिन्हा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल लखनऊ अपनी टीम के साथ रेलवे स्टेशन गोंडा आए थे। 2.57 बजे जनसेवा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर 2 पर आकर खड़ी हुई।
ट्रेन की जनरल बोगियों के कुछ व्यक्ति सादे कपड़े में यात्रियों का टिकट चेक करते और उनसे जबरन पैसा लूटते मिले। उनमें से दो को टीम ने पकड़ लिया। इसी बीच एक व्यक्ति टीम के पास आया और अपने आपको जीआरपी का कर्मचारी बताया और वादी तथा उसकी टीम को गाली गलौच किया और मारपीट की।