गोरखपुर। खुद को शिक्षा विभाग का कर्मचारी बताने वाले युवक ने प्रबंधकीय कोटे से जवाहर इंटर कॉलेज, पादरी बाजार में नियुक्ति कराने का झांसा देकर चार लाख रुपये ठग लिए।
बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र और जिला विद्यालय निरीक्षक के हस्ताक्षर वाला कूटरचित कार्यमुक्त आदेश भी दे दिया। फर्जीवाड़ा सामने आने पर रुपये लौटाने से इनकार कर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता की तहरीर पर गोरखनाथ पुलिस ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुराना गोरखपुर निवासी बिनीता शुक्ला के मुताबिक, करीब एक साल पहले उनकी पड़ोस में किराये पर रहने वाली हेमा श्रीवास्तव से जान-पहचान हुई थी। हेमा ने अपने भतीजे सत्यम श्रीवास्तव निवासी तेनुआ, गीडा से उनकी मुलाकात कराई। आरोप है कि हेमा ने सत्यम को शिक्षा विभाग में काम करने वाला और विभाग में अच्छी पकड़ रखने वाला बताया। वर्तमान में वह गोरखपुर में किराये पर रहता है और भटहट बीआरसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात बताया गया।
आरोप है कि सत्यम ने बिनीता और उनके पति को प्रबंधकीय कोटे से जवाहर इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापिका की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में उसने अपने और एक करीबी के खातों में ऑनलाइन रकम मंगाने के साथ नकद रुपये भी लिए। कुछ दिन बाद उसने कॉलेज का नियुक्ति पत्र दिया। बिनीता ज्वाइनिंग के लिए कॉलेज पहुंचीं तो वहां नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली। इस मामले में सीओ रवि सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।