लोकार्पण के सात महीने में करीब चार लाख लोग गोरखपुर चिड़ियाघर की सैर कर चुके हैं। यहां अभी तक 130 से अधिक वन्य जीवों को लाया जा चुका है। लगभग 33 एकड़ वेटलैंड में फैला यह चिड़ियाघर प्राकृतिक नजारे की सुंदर अनुभूति देता है।
चिड़ियाघर पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का सबसे खास पर्यटन केंद्र बन गया है। लॉकडाउन की वजह से यह एक माह बंद था। इसके अलावा प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक अवकाश की वजह से भी बंद रहता है। प्रत्येक मौसम के अनुसार ही यहां पक्षियों का बसेरा होता है।
पर्यटन के लिहाज से पूर्वांचल में इसकी अपनी अलग पहचान बन गई है। लव बर्ड, तेंदुए, बारहसिंघा, लोमड़ी, बब्बर शेर, अलग-अलग प्रजाति के बंदर, मगरमच्छ, घड़ियाल आदि खास कर बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। यहां के निदेशक एच राजामोहन ने बताया कि चिड़ियाघर में लगातार दर्शकों की संख्या बढ़ती जा रही है। ठंड के मौसम में इनकी संख्या और बढ़ेगी।
शुरू के चार दिनों में आए 20 हजार से अधिक लोग
27 मार्च 21 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिड़ियाघर का लोकार्पण किया था। इसके अगले दिन से ही दर्शकों का आना शुरू हो गया। 31 मार्च तक चार दिनों में ही 21712 दर्शक चिड़ियाघर घूमने पहुंचे थे। निदेशक एच राजामोहन ने बताया कि यहां के लोगों को चिड़ियाघर खूब पसंद आ रहा है।