फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: माफिया राजन तिवारी की चार फाइलें गायब, कमजोर पड़ सकती है पैरवी

Mon, 11 Dec 2023 10:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि माफिया राजन तिवारी के गोरखपुर में एक ही केस में कोर्ट में संज्ञान करा दिया गया है। उसके गवाह एक दिन आए भी थे, लेकिन कचहरी में शोक सभा होने की वजह से गवाही नहीं हो पाई थी। उनकी गवाही जल्द करा ली जाएगी।
विज्ञापन
बिहार का पूर्व विधायक व माफिया राजन तिवारी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर जिले के टॉप 10 और प्रदेश के 61 बदमाशों की सूची में शामिल माफिया व पूर्व विधायक राजन तिवारी के अपराधों की चार फाइलें गुम हैं। इससे उसे सजा दिलाने में जुटी पुलिस की पैरवी कमजोर पड़ने का खतरा है। हालांकि पटना, लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज से गुम इन फाइलों की एक बार फिर गोरखपुर पुलिस ने याद दिलाई है। गोरखपुर पुलिस ने संबंधित जिलों को पत्र भेजा है, ताकि कोर्ट में पैरवी के लिए वैकल्पिक रास्तों से आगे बढ़ा जा सके।

विज्ञापन


लखनऊ के हजरतगंज, कैसरबाग और गाजीपुर थाने में वर्ष 1997 व 1998 में राजन के विरुद्ध अपहरण, हत्या व साजिश रचने का केस दर्ज हुआ था। लखनऊ में दर्ज केस में कोर्ट ने आरोपी (राजन तिवारी) के अधिवक्ता को दी गई केस डायरी की फोटो कॉपी को ही आधार मानने पर सहमति जता दी है, लेकिन आरोपी पक्ष के वकील ने फाइल न मिलने की दलील देते हुएअगली तारीख ले ली है।

वहीं पटना और प्रयागराज में भी गंभीर मामलों के केस दर्ज हैं। गोरखपुर में उस पर दर्ज आठ केस में वह पहले ही बरी हो चुका है। उसकी गिरफ्तारी के बाद वर्ष 2022 में सिर्फ एक नया मामला मारपीट और धमकी का दर्ज किया गया है, जिसपर कोर्ट में पैरवी शुरू की गई है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: फिर चला बुलडोजर...गोलघर-रेलवे स्टेशन रोड की खिच-खिच भी दूर, 19 का चालान

पुलिस ने इस प्रकरण के दो गवाहों से भी संपर्क साधा है और उनकी जल्द ही अगली तारीख पर गवाही हो सकती है। लेकिन, इसी बीच अब माफिया पर शिकंजा कसने का शासन से पत्र आने के बाद पुलिस ने उसकी गायब फाइलों को एक बार फिर से संबंधित जिलों को पत्र भेजकर याद दिलाई है।

18 अगस्त को कैंट पुलिस ने भिजवाया था जेल
गैंगस्टर एक्ट के केस में गैर जमानती वारंट जारी होने पर कैंट थाना पुलिस ने 18 अगस्त, 2022 को माफिया राजन तिवारी को रक्सौल के पास से गिरफ्तार किया था। वह नेपाल भागने की फिराक में था। जेल जाते समय राजन तिवारी पुलिसकर्मियों से भिड़ गया और जान से मारने की धमकी देने लगा। पुलिसकर्मियों ने कैंट थाने में उसके विरुद्ध केस दर्ज कराया। प्रशासनिक आधार पर दो दिन बाद राजन तिवारी को गोरखपुर से फतेहगढ़ जेल भेज दिया गया, जहां से वह जमानत पर छूटा। अब पुलिस इसी केस में गवाही और पैरवी करके सजा दिलाने की कोशिश में है।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में जाम से हाल बेहाल: रश्मो-रिवाज निभाना था...घंटों जाम में फंसे तो स्टीमर बुक कर पहुंचे बहन के घर
विज्ञापन

पूर्वी चंपारण में रहता है माफिया राजन
90 के दशक के कुख्यात बदमाश श्रीप्रकाश शुक्ला के संगत में आकर अपराध की दुनिया में बड़ा नाम बनने वाला राजन तिवारी पूर्वांचल और बिहार में दहशत का पर्याय रहा है। गोरखपुर और आसपास के जिलों से लेकर बिहार तक उसके नाम की दहशत है। शिकंजा कसने पर वह बिहार चला गया। पिछले दो दशक से पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के गोविंदगंज में रहता है और यहीं से विधायक भी चुना गया था।

इसे भी पढ़ें: बड़हलगंज-दोहरीघाट पुल पर 22 घंटे जाम, दूल्हा लग्न तो बराती पहुंचे रस्म के बाद

एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि माफिया राजन तिवारी के गोरखपुर में एक ही केस में कोर्ट में संज्ञान करा दिया गया है। उसके गवाह एक दिन आए भी थे, लेकिन कचहरी में शोक सभा होने की वजह से गवाही नहीं हो पाई थी। उनकी गवाही जल्द करा ली जाएगी। लखनऊ, पटना, वाराणसी और प्रयागराज को गायब फाइलों के बारे में पत्र लिखा गया है। उन्हें गोरखपुर में राजन के आपराधिक इतिहास के बारे में बता दिया गया है कि वह गोरखपुर के टॉप 10 में है, इस वजह से आगे की कार्रवाई संबंधित जिला जल्द शुरू कराएं।



 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें