महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह का समापन महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में गुरुवार सुबह 10 बजे से शुरू हो गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और विशिष्ट अतिथि जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की।
उन्होंने कहा कि हर विपत्ति आपको एक अवसर देती है और सफलता आपको चुनौती देती है। दोनों के बीच सामंजस्य करने वाला ही सफल होता है। हम कोरोना से भी लड़ेंगे पर शिक्षा जगत के कार्यों को भी कोरोना से बचाते हुए हमें करना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना हुई थी। हमारे पूर्वजों ने पूरे जीवन को पाप और पुण्य में जोड़कर रखा है। अगर अच्छा किया तो पुण्य और बुरा करने पर पाप मिलेगा। आपका जीवन आपके कर्मों से अगर आगे बढ़ता है, इससे आपके संस्थान और आपके साथ जुड़े लोगों के लिए एक प्रेरणा होता है।
कहा कि संस्था प्रमुख की टीम अगर एक साथ मिलकर उस संस्था को अगर उच्चाई पर ले जाना चाहते हों तो संस्था की उन्नति होगी और उससे जुड़े लोगों के लिए एक उदाहरण बनेगा। जीवन में हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक प्रेरणादाई व्यक्तित्व बनना होगा। पहले भारत यूरोप अमेरिका को देखता था पर अब यूरोप और अमेरिका भारत की ओर देखते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में जो नई शिक्षा नीति लागू की गई है, वो बड़ा परिवर्तन लाएगी। 2031-32 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 100 साल पूरे होने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बन चुका होगा।
कहा कि आज तकनीक से एक एक बच्चा जुड़ा है। अगर नकारात्मक शक्तियां बच्चे को घेर लेंगी तो उसको गलत रास्ते पर ले जाएगी इसलिए तकनीक का सही इस्तेमाल होने चाहिए। जनवरी तक कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी पर तब तक उतावलापन नहीं दिखाना है और कोरोना से बचने के लिए दूरी और मास्क जरूरी है।