प्रशासन पुलिस की टीम ने शुक्रवार को सपा नेता जवाहर यादव के बेटे पूर्व ब्लॉक प्रमुख दुर्गेश यादव के नाम से तालकन्दला में स्थित जमीन, उनकी पत्नी सीमा यादव की तालकन्दला में जमीन, बेटे अभिषेक यादव की तालकन्दला में स्थित जमीन, जवाहर यादव की रामपुर में स्थित जमीन को जब्त किया गया है।
जो बीच में आया, उसे मार डाला
आरोपी पेशेवर भू माफिया है। दूसरों की जमीनों को कब्जा कर इसने करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है। इसके लिए आरोपी ने बाकायदा प्रापर्टी का दफ्तर खोल रखा था। एसपी सिटी ने बताया कि भू माफिया प्रापर्टी पर कब्जा कर ऐसी ही संपत्ति बनाने के लिए हत्या भी कर चुका है। जिला प्रशासन ने गैंगेस्टर की संपत्ति कुर्क करते हुए वहां सरकारी नोटिस चस्पा कर दिया।
डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
इस मामले की विवेचना कर रही कैंट थाना पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की रिपोर्ट डीएम कृष्णा करुणेश को भेजी थी। डीएम ने जवाहर यादव व उसके परिवार की 416 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने गैंगेस्टर की संपत्ति कुर्क कर ली।
गैंगस्टर एक्ट के तहत अब तक की कार्रवाई में डॉ. अभिषेक यादव के बाद यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले राज नर्सिंग कॉलेज के संचालक डॉ. अभिषेक यादव व उसके संबंधियों की 100 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। अब तक जवाहर यादव और उसके परिवार की 416 करोड़ की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति चिह्नित की गई हैं, जिसे जब्त किया जाना है।
इस मामले के बाद पड़ी थी पुलिस की नजर
जनवरी 2021 में दवा व्यापारी की हत्या की गई थी। इस मामले में जवाहर यादव सहित कई लोगों को नामजद किया गया था। बाद में छह जुलाई 2021 को खोराबार के तत्कालीन थाना प्रभारी राहुल सिंह ने जवाहर यादव, झंगहा के शिवपुर निवासी केशव सिंह, पंकज सिंह, गहिरा के रघुनाथ मौर्य, रामधनी मौर्य, रामदीहल, रेती चौक निवासी ओमप्रकाश जायसवाल, कुशीनगर के मठिया बुजुर्ग निवासी अभय दुबे, खोराबार के संजय कुमार शुक्ल, मनीष साहनी, गोलू उर्फ मुहम्मद असरफ, अभिषेक मिश्र, अजय मिश्र, प्रदीप शुक्ल, कृष्ण मोहन तिवारी, हनुमान मिश्र के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। भू माफिया जवाहर यादव ने बेटों व सहयोगियों संग मिलकर अपराध के बल पर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। इसी क्रम में इस गिरोह के लोगों ने एक हत्या भी की थी। अपराध से अर्जित 416 करोड़ की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई है।