पूर्व मंत्री शाकिर अली का रविवार की रात लखनऊ के वेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को उनका शव पैतृक गांव करजहां लाया गया। सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए थे। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़े हुजूम में दलीय सीमाएं टूट गईं। शाम को पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ शव को दफन किया गया।
बैतालपुर विकास खंड के करजहां गांव के रहने वाले शाकिर अली पांच भाई और दो बहनों में दूसरे नंबर के थे। वर्ष 1989 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी से राजनीति की शुरूआत की थी। 1993 और 2002 के चुनाव में उन्हें रहनुमाई का मौका मिला। दोनों बार मुलायम सिंह यादव की सरकार में मंत्री बने थे। 2012 में पथरदेवा विधानसभा से चुनाव जीते थे। 2017 के चुनाव में वह हार गए। पिछले कुछ समय से वह बीमार चल रहे थे।
लखनऊ के मेदांता हास्पिटल में उनका उपचार चल रहा था। वहां भी उनको देखने वालों का तांता लगा रहता था। भाजपा के कई बड़े नेताओं, मंत्रियों ने भी उनका कुशलक्षेम पूछा था। रविवार की देर रात उन्होंने उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया। सोमवार की सुबह 10.22 बजे उनका शव पैतृक गांव करजहां पहुंचा। परिवारवालों में कोहराम मच गया। सपा के साथ ही अन्य दलों के लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। डीएम और एएसपी भी पूर्व मंत्री के गांव पहुंचे।
श्रद्धांजलि देने में टूटी दलीय सीमाएं
पूर्व मंत्री शाकिर अली के निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र के लोग उनके घर पर जुटने लगे। सोमवार की सुबह 10.22 बजे जैसे ही उनका शव पहुंचा, लोगों ने नम आंखों से उनके अंतिम दर्शन किए। लोगों ने गतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसमें सपा जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव, पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, जीउत यादव, बांकेलाल यादव, प्रमोद यादव, कमलेश पांडेय, हुसैन अहमद, प्रदीप श्रीवास्तव, रामप्रकाश यादव, इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अवनीश कुमार यादव, मुन्ना यादव, समीउल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे। वहीं भाजपा के संजय सिंह, विजय प्रताप मणि उर्फ डब्लू मणि, शैलेश मणि, भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में महामंत्री श्रीनिवास मणि, जलालुद्दीन खां, राजू सिंह, रामहरख पासवान आदि मौजूद रहे। कांग्रेस नेता पुरूषोत्तम नारायण सिंह, एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, इंस्पेक्टर विजय सिंह गौर, इंस्पेक्टर जयंत सिंह मौके पर मौजूद रहे।
परिवार का नाम किया रोशन
करजहां गांव में साधारण किसान मंजूर अली और गृहिणी मुन्नी निशा के पांच बेटों में शाकिर अली दूसरे नंबर के थे। बड़े भाई मुनीर अहमद गांव के प्रधान हैं। उनके बेटे परवेज आलम जिला पंचायत सदस्य हैं।