शुक्रवार की शाम को जैसे यह पता चला कि थोड़ी ही देर में पूर्व मंत्री और उनकी पत्नी की रिहाई हो जाएगी, अचानक मीडिया और समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पूर्व मंत्री खुद को असहज महसूस करने लगे और कमरे से बाहर आए ही नहीं। कमरे के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि इस समय उनको हाई ब्लॅड प्रेशर है और वह आराम कर रहे हैं।
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मंडलीय कारागार के अधिकारियों ने जब परवाने पर हस्ताक्षर करवाया तो भी पूर्व मंत्री गुमसुम ही थे। बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने बताया कि पिता अभी शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं। घर पर बड़ों की राय के बाद मां-पिता का चिकित्सकीय परीक्षण करवाने के साथ बेहतर से बेहतर इलाज करवाएंगे। माना जा रहा है कि पूर्व मंत्री अभी एक-दो दिन मेडिकल कॉलेज में ही रह सकते हैं। इसके बाद वह अपने आवास पर जाएंगे।