प्राइवेट वार्ड में किसी वीआईपी के होने और उनकी रिहाई आदि से अनभिज्ञ मरीज व उनके तीमारदार जब प्राइवेट वार्ड के आगे से गुजरते तो चौंक जाते। कोई कमरों की तरफ झांक रहा था तो कोई रिहाई का वक्त पूछ रहा था। इसी बीच हल्की बारिश शुरू हो गई। अचानक एक बोलेरो गाड़ी प्राइवेट वार्ड के पोर्टिको के नीचे रुकी तो चर्चा शुरू हो गई कि कोई परिजन आया है। लेकिन गाड़ी से पूर्व मंत्री के नहीं, बल्कि बिहार से आए एक मरीज के परिजन थे।
इसे भी पढ़ें: मधुमिता हत्याकांड से खत्म हो गया था अमरमणि का राजनीतिक सफर, बेटे अमन ने संभाली विरासत
प्राइवेट वार्ड के दूसरे गेट के ठीक सामने कमरा नंबर 18 व 19 की सुरक्षा सुबह से ही चुस्त दिखी। आम दिनों में यहां गैलरी में इक्का-दुक्का सुरक्षाकर्मी ही नजर आते हैं। शुक्रवार को यहां तीन महिला कांस्टेबल समेत 7-8 पुलिसकर्मी बरामदे में बैठे थे। वे सड़क पर आन-जाने वालों पर नजर रखे हुए थे। इसके अलावा नीचे की गैलरी में भी कुछ पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में टहलते दिखे। मेन गेट से लेकर दूसरे हिस्से तक सुरक्षाकर्मी लगातार चहल कदमी करते रहे।