खाता खाली होने तक जालसाज पैसे निकालता रहा, लेकिन एसएमएस अलर्ट की सुविधा नहीं लेने की वजह से लालमन को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। जालसाज ने रुपये निकालने की शुरुआत अप्रैल में की, जो अगस्त तक चलता रहा। जालसाज ने 10 अप्रैल से लेकर तीन अगस्त के बीच प्रत्येक दिन 10-10 हजार रुपये निकाले।
चार अगस्त को भी जालसाज ने 10 हजार रुपये निकालने की कोशिश की, लेकिन खाते में रकम कम होने के कारण बैंक द्वारा इसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद पांच अगस्त को जालसाज ने लालमन के खाते से एक हजार रुपये निकाले। इसके बाद उनके खाते में मात्र 300 रुपये बचे रह गए। 90 से ज्यादा बार जालसाज ने लालमन के खाते से पैसे निकाले। हालांकि लालमन ने बीते जुलाई में 30 हजार रुपये निकाले, लेकिन शाखा में पासबुक प्रिंटर मशीन खराब रहने की वजह से उन्हें खाते में बची रकम की जानकारी नहीं हो सकी।
बड़ौदा यूपी बैंक जैतपुर शाखा प्रबंधक निमि मिश्रा ने बताया कि बड़ौदा यूपी बैंक, पहले जब पूर्वांचल बैंक हुआ करता था, तब से इस शाखा में जालसाजी के कई मामले सामने आ चुके हैं। चार खाताधारकों के खाते से इसी तरह से पैैसे निकाले जा चुके हैं। अब भी पीड़ित खाताधारक बैंक के चक्कर लगा रहे हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद 50 हजार रुपये से ज्यादा रकम की ऑनलाइन निकासी पर रोक लगा दी गई है। 50 हजार रुपये से ज्यादा रकम निकालने के लिए खाताधारक को व्यक्तिगत रूप से बैंक में उपस्थित होना होगा। मामले की जानकारी मुख्यालय को दे दी गई है।
बड़ौदा यूपी बैंक क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि बैंक का आईटी सेल मामले की तफ्तीश में जुट गया है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इंडस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से रकम निकाले जाने की जानकारी हुई है। दोनों बैंकों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है।