कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद व्यक्ति शारीरिक, मानसिक कमजोरी से लंबे समय तक ग्रस्त रह सकता है। स्वस्थ और स्फूर्त जीवन शैली में लौटने के लिए जरूरी है कि ऐसे व्यक्ति संतुलित भोजन और जीवनशैली को अपनाएं। यह कहना है, आईएमए की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. मीनाक्षी गुप्ता का। कोरोना बीमारी से मुक्त हुए लोगों को कैसी जीवनशैली अपनानी चाहिए इस बारे में उन्होंने अमर उजाला संवाददाता को विस्तार से बताया।
सवाल: कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद, सबसे पहले किस बात का ध्यान देना चाहिए?
जवाब: कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। स्वस्थ होने के बाद शरीर के साथ ही फेफड़ों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। फेफड़ों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें। प्राणायाम, अनुलोम विलोम, टहलना आदि हल्के व्यायाम कर सकते हैं।
सवाल: व्यायाम कब से शुरू करना चाहिए?
जवाब: निगेटिव होते ही व्यायाम शुरू नहीं करें। इससे शरीर को नुकसान हो सकता है। बावजूद इसके प्राणायाम या गहरी सांस लेने वाले कार्य जैसे मेडिसाइजर की मदद से, शंख बजाना, गुब्बारा फुलाना कर सकते हैं। हल्के व्यायाम से शुरू करें। बेहतर महसूस करने पर व्यायाम का समय थोड़ा और बढ़ाएं। फेफड़ों में सांस भरने वाले व्यायाम अच्छा परिणाम देंगे। बाकी व्यायाम के लिए चिकित्सक की सलाह लें। पूरी तरह ठीक होने पर ही व्यायाम शुरू करें। रिकवरी के बाद योग और प्राणायाम बेहतर विकल्प हैं। ऐरोबिक्स भी अच्छा विकल्प है, लेकिन पहले हल्के व्यायाम से शुरू करें।
सवाल: भोजन में क्या शामिल करें?
जवाब: संतुलित भोजन लें। भोजन में कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन पर्याप्त और संतुलित मात्रा में हों। फल, हरी सब्जियां खूब इस्तेमाल करें, खास कर नींबू, संतरा और विटामिन सी से भरपूर फल, पानी ज्यादा लें।
सवाल : क्या व्यायाम और पौष्टिक भोजन काफी है?
जवाब: नहीं, शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना होगा। चिंता न करें, प्रसन्न रहने के लिए अपने आप को मनोरंजक इनडोर गेम्स में लगाएं, मनोरंजक साहित्य पढ़ें, अखबार पढ़ें। अपनी सोच को आशावादी रखें, नकारात्मक कभी न सोचें ।