गोरखपुर में पिछले पांच दिनों की तरह ही बुधवार की सुबह कोहरे में लिपटी हुई है। हालांकि बुधवार यानी आज अन्य दिनों की अपेक्षा कोहरा इतना ज्यादा घना है कि पास की चीजें भी नजर नहीं आ रही हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सड़क पर गाड़ी चलाते समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गोरखपुर में ठंड का मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि मंगलवार को भी सुबह घने कोहरे के बाद दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा हल्का होता चला गया, लेकिन दोपहर बाद ही मौसम साफ हुआ। सूरज ने भी अपनी गर्मी का एहसास कराया। आज भी दिन चढ़ने के साथ कोहरा छंटने से राहत की उम्मीद है, लेकिन ठंड बरकरार रहेगी।
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gorakhpur cold weather
- फोटो : अमर उजाला।
कई दिनों के बाद मंगलवार को दिन का पारा 20 डिग्री से ऊपर जाकर 20.2 डिग्री हो गया। हालांकि इसके बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री ज्यादा 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान में बढ़ोतरी का असर हर जगह देखा गया। बाजार से लेकर पार्क और मेला गुलजार नजर आए।
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गोरखपुर में ठंड का मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि आज के बाद दो से तीन दिनों तक कोहरा कम रहने के आसार हैं। इसके बाद एक बार फिर घना कोहरा छाया रह सकता है। आगामी दो से तीन दिनों तक पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ने की वजह से तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी। 22 जनवरी के बाद मौसम के फिर से खराब होने की आशंका है।
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गोरखपुर में ठंड का मौसम।
- फोटो : अमर उजाला।
आगामी पांच दिनों के तापमान का पूर्वानुमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
20 जनवरी 20.0 9.0
21 जनवरी 19.0 8.0
22 जनवरी 18.0 8.0
23 जनवरी 18.0 9.0
24 जनवरी 19.0 10.0
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सरसों का खेत।
- फोटो : अमर उजाला।
मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए करें खेती
कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. नितीश कुमार पांडेय ने बताया कि आगामी दिनों में आसमान साफ रहने की संभावना है। बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम आद्रता 85 से 90 % तथा न्यूनतम आर्द्रता 75 से 80 % तक रहने की संभावना है। ऐसे में किसान मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए खेती बारी का कार्य करें।
गेहूं की दूसरी सिंचाई कर चुके हैं तो 40 किलोग्राम नाइट्रोजन (88 किलोग्राम यूरिया) की टॉप ड्रेसिंग कर दें।
देर से बुआई करने वाले किसान गेहूं में सकरी एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार नियंत्रण के लिए मेट सलफों सलफुरोन 13.5 ग्राम और 400 मिलीलीटर को 100-125 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से साफ मौसम होने पर छिड़काव करें।
सरसों को माहू कीट से बचाव के लिए एमिडाक्लोरोपिल 17.8 एसएल की एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के साथ मिलाकर दोपहर के बाद छिड़काव करें।
चने की फसल में झुलसा का प्रकोप दिखाई दे तो उसकी रोकथाम के लिये प्रति हेक्टेयर दो किग्रा मैंकोजेब 700 लीटर पानी में घोलकर 10 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करें।
आलू की फसल में आवश्यकतानुसार 10 से 15 के अंतराल पर सिंचाई करते रहें तथा झुलसा रोग के लक्षण दिखाई देने पर कार्बेन्डाजिम 1.0 ग्राम और मैंकोजेब को 2.0 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।