फ्लोराइड और आर्सेनिक प्रभावित गांवों के अलावा जिन गांवों में इंसेफेलाइटिस के मामले आए हैं, उनमें जिला प्रशासन 'हर घर जल योजना' के माध्यम से शुद्ध पानी पहुंचाएगा। प्रशासन ने प्रथम चरण में ऐसे 110 गांवों को चिह्नित किया है। अगले छह महीने में सभी गांवों में शुद्ध जल आपूर्ति का लक्ष्य रखा है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की ओर से आर्सेनिक प्रभावित गांवों में हैंडपंप बंद करने का आदेश दिया गया है। इन गांवों की सूची में गोरखपुर के भी 43 गांव शामिल हैं। जिला प्रशासन की ओर से पहले ही ऐसे 110 गांवों की सूची बनायी गई है, जहां शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र सरकार की हर घर जल योजना के तहत यहां पीने का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए टंकी बनायी जाएगी। हर घर में पाइप कनेक्शन के जरिए जलापूर्ति की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि आर्सेनिक, फ्लोराइड से प्रभावित तथा ऐसे गांव जहां से इंसेफेलाइटिस के मामले आते रहे हैं, वहां हर घर जल योजना के तहत पीने का शुद्ध पानी मुहैया कराया जाएगा।
प्रथम चरण में 110 गांवों का चयन किया गया है। इसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।