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Gorakhpur News: सरयू-राप्ती के उफान से कछार क्षेत्र के 20 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, डीएम ने लिया जायजा

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बड़हलगंज। सरयू और राप्ती नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से कछार और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। करीब 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और क्षेत्र में हड़कंप मचा है। प्रशासन ने इन गांवों में करीब 40 नाव लगा दी हैं और राहत सामग्री वितरित कराया है।
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बृहस्पतिवार को डीएम दीपक मीणा ने क्षेत्रीय विधायक राजेश त्रिपाठी के साथ खड़ेसरी गांव सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी हकीकत परखी। डीएम और विधायक ने गायघाट, रगड़गंज, भयपुरा, पटना न्याय पंचायत, पटना नई बस्ती और बगहा सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान डीएम ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राशन और आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है। किसी भी जरूरतमंद को मदद से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
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राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश

बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में तनिक भी शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जाए। आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में नावों, खाद्यान्न पैकेट, शुद्ध पेयजल और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। सीएमओ को निर्देश दिया है कि प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। डीएम ने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। डीएम ने कहा कि राहत शिविर के लिए स्थान चिन्हित कर वहां सुविधाएं उपलब्ध करा दें। ताकि रहने वालों को किसी तरह की दिक्कत न होने पाए।

चारे और आवागमन की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि बाढ़ के पानी से मुख्य संपर्क मार्ग कट चुके हैं, जिससे आवागमन ठप है। इसके अलावा पशुओं के चारे और राशन की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। विधायक राजेश त्रिपाठी ने भी डीएम को क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया। इस पर डीएम ने प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण का भरोसा दिया।
इस दौरान उपजिलाधिकारी मनीष कुमार, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, बृजेश साहनी, पप्पू निषाद, मानस त्रिपाठी, सत्यसेन सिंह, शैलेंद्र सिंह, छोटू सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

डीएम ने बाढ़ प्रभावितों में बांटी राहत सामग्री, टूटे बंधे की मरम्मत के निर्देश
खड़ेसरी में अवैध खनन की शिकायत पर सख्ती, फसल मुआवजे का आकलन कराने के निर्देश
चिल्लूपार। बड़हलगंज क्षेत्र के डेरवा चौराहे पर पहुंचे डीएम दीपक मीणा ने विधायक राजेश त्रिपाठी की मौजूदगी में लखनौरी गांव के बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित कराई। इसके बाद खड़ेसरी एहतमाली पहुंचकर टूटे बंधे का निरीक्षण किया और तहसीलदार को बांध की मरम्मत के साथ ही ऊंचा कराने का भी निर्देश दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि खड़ेसरी एहतमाली में 100 से अधिक घर हैं। गांव और शेरपुर में हर वर्ष बाढ़ से फसलें बर्बाद होती हैं लेकिन अब तक फसल मुआवजा और राहत सामग्री नहीं मिली। डीएम ने तहसीलदार को प्रभावित परिवारों का आकलन कर राहत सामग्री और फसल मुआवजे की कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने अवैध खनन से बाढ़ और कटान बढ़ने की शिकायत भी की। डीएम ने तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य को हर हाल में अवैध खनन रोकने के निर्देश दिए।
बाढ़ग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंचने का आरोप
बल्थर, बगहा देवार, मुसाडोही, हिंगुहार, कोटिया निरंजन और गोनहा के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बैठकर खानापूर्ति की जा रही है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने पटना और डेरवा बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। कोलखास में पशुपालकों से टीकाकरण की जानकारी ली और सभी पशुओं का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।
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