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गोरखपुर: रामजानकी मार्ग पर कई स्थानों पर बाढ़ का पानी, NH के अधिकारी लगातार कर रहे निगरानी

Sat, 15 Oct 2022 11:23 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एनएच देवरिया अधिशासी अभियंता नूर मोहम्मद ने कहा कि बड़हलगंज से कपरवारघाट तक 10 स्थानों पर बाढ़ का पानी सड़क पर बह रहा है। इस तरह से करीब पांच किलोमीटर सड़क पानी में डूबी हुई है। इसके चलते आवागमन बाधित हो रहा है। सड़क के किनारे जहां गड्ढे हो गए हैं उसे भरा जा रहा है। पानी घटने के बाद सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
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रामजानकी मार्ग पर चढ़ा पानी। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज से कपरवारघाट तक 60 किलोमीटर लंबे रामजानकी मार्ग पर कई स्थानों पर बाढ़ का पानी चढ़ने से आवागमन बाधित हो गया है। एनएच के अधिकारी लगातार सड़क की निगरानी कर रहे हैं। उधर, उग्रसेन सेतु के क्षतिग्रस्त होने से बड़हलगंज से कपरवारघाट तक बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है।

अयोध्या से लेकर जनकपुर तक रामजानकी मार्ग का हिस्सा है। गोरखपुर जनपद में इसकी शुरुआत सिकरीगंज कस्बे से होती है। वहां से लेकर कपरवारघाट तक लगभग 60 किलोमीटर मार्ग गोरखपुर में पड़ता है। इसके रखरखाव और मरम्मत का कार्य एनएच के जिम्मे है। सिकरीगंज से लेकर बड़हलगंज तक का 40 किलोमीटर भाग गोरखपुर जनपद में पड़ता है। जबकि बड़हलगंज से लेकर कपरवारघाट तक का 20 किलोमीटर हिस्सा एनएच देवरिया में पड़ता है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण होना है। उसका टेंडर भी कर दिया गया है। लेकिन, इसी बीच आई बाढ़ से सिकरीगंज से बड़हलगंज तक 100-100 मीटर दो स्थानों पर सड़क पर पानी चढ़ गया है। जबकि बड़हलगंज से कपरवारघाट तक 10 स्थानों पर सड़क पर पानी आ गया है, जिससे करीब पांच किलोमीटर सड़क पानी में डूब गई है। ऐसे में आवागमन बाधित है।

एनएच देवरिया अधिशासी अभियंता नूर मोहम्मद ने कहा कि बड़हलगंज से कपरवारघाट तक 10 स्थानों पर बाढ़ का पानी सड़क पर बह रहा है। इस तरह से करीब पांच किलोमीटर सड़क पानी में डूबी हुई है। इसके चलते आवागमन बाधित हो रहा है। सड़क के किनारे जहां गड्ढे हो गए हैं उसे भरा जा रहा है। पानी घटने के बाद सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में रोहिन नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई है, लेकिन सरयू, राप्ती, कुआनो और गोर्रा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अब तक 204 गांव पानी से घिर गए हैं जबकि 93 गांव पूरी तरह से टापू बने हुए हैं। आने जाने के लिए 258 नावों को लगाया गया है।

 

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सरयू नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। इसके बावजूद सरयू अयोध्या में खतरे के निशान से 1.03 मीटर ऊपर बह रही है। देवरिया के बरहज में खतरे के निशान से 2.05 मीटर ऊपर बह रही है। कुआनो नदी चंद्रदीप घाट पर खतरे के निशान से 2.35 मीटर ऊपर बह रही है। राप्ती नदी बर्डघाट में खतरे के निशान से 1.03 मीटर ऊपर बह रही है। रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट पर खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे आ गई है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गोर्रा नदी पिडरा घाट में खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं के मुताबिक नदियों का जलस्तर नीचे आना शुरू हो गया है, लेकिन जनपद में अभी नदियों के जलस्तर के नीचे आने में समय लगेगा। उधर, गोला तहसील के 70 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। कैंपियरगंज के 64 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। जबकि खजनी तहसील के 33 गांव प्रभावित हैं। हालांकि यहां पर बहने वाली रोहिन नदी खतरे के निशान से अब नीचे आ गई है। लेकिन गोला तहसील में कई जगहों पर सरयू का पानी सड़कों पर चढ़ गया है।
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