बड़हलगंज। राप्ती और सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने बड़हलगंज क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी है। ऊफनाती राप्ती और सरयू के तेज कटान से निर्माणाधीन रामजानकी महामार्ग की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया है। नेतवार पट्टी गांव के पास कटान से निर्माणाधीन टोल प्लाजा के किनारे का बड़ा हिस्सा कट गया है। इससे महामार्ग पर खतरा मंडरा रहा है।
बरसात के मौसम में राप्ती और सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कछार और दियारा क्षेत्र में कटान तेज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटानरोधी उपाय नहीं किए गए तो रामजानकी मार्ग को नुकसान हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है।
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सड़कें जलमग्न, कई गांवों का संपर्क टूटा
राप्ती नदी के ऊफान से कछार क्षेत्र के लखनौरी, लखनौरा, हिंगुहार, बिहुआ, सूबेदार नगर माझा और खोहिया पट्टी गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गांवों को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उधर, सरयू का जलस्तर बढ़ने से ज्ञानकोल, बगहा, कोलखास, अजयपुरा, गोनघट, कोटियादीप शाह और भैपुरा में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दियारा क्षेत्र के जैतपुर गांव में सरयू का कटान तेजी से कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले रहा है और अब नदी की धारा आबादी की ओर बढ़ रही है।
टोल प्लाजा के पास दोनों तरफ होगा बोल्डर-पिचिंग
एनएचआई के ठेकेदार सुब्रमण्यम ने बताया कि बाढ़ का पानी फैलने के कारण रामजानकी मार्ग के निचले हिस्से में कटान शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि नेतवार पट्टी टोल प्लाजा के पास सड़क के दोनों तरफ बोल्डर-पिचिंग कराकर समय रहते मार्ग को सुरक्षित किया जाएगा।
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नाव से पहुंचे अधिकारी, 24 घंटे अलर्ट पर बाढ़ चौकियां
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए एडीएम वित्त जयप्रकाश और एसडीएम गोला मनीष कुमार ने नाव के जरिये प्रभावित गांवों का दौरा किया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि ज्ञानकोल, बगहा, कोटिया निरंजन और कोलियास गांवों में लोगों के आवागमन के लिए नावें लगा दी गई हैं। प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। सभी बाढ़ चौकियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।