गोरखपुर। स्थानीय निकाय निदेशालय ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों से शिक्षा एवं स्वास्थ्य मद में किए गए खर्च की विस्तृत जानकारी मांगी है। गोरखपुर नगर निगम से भी ब्योरा मांगा गया है।
महालेखाकार कार्यालय की ओर से शहरी स्थानीय निकायों के व्यय से संबंधित सूचनाएं मांगे जाने के बाद निदेशालय ने निकायों को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। निकायों से वर्ष 2023-24 के बजट और वास्तविक व्यय का ब्योरा मांगा गया है। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य मद में स्वीकृत बजट के साथ किए गए वास्तविक खर्च की जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही कोविड की रोकथाम, उपचार और बचाव में ड्यूटी के दौरान संक्रमण से मृत कार्मिकों का भी ब्योरा मांगा गया है। निकायों को बताना होगा कि कोविड ड्यूटी के दौरान कितने कार्मिकों की मृत्यु हुई और उनके कितने आश्रितों को अनुग्रह राशि दी गई। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत कार्मिकों को आर्थिक सहायता देने के लिए विभाग में क्या प्रावधान है, इसकी जानकारी भी देनी होगी।
निदेशालय ने कोविड ड्यूटी के दौरान मृत कार्मिकों के आश्रितों की ओर से न्यायालय में दायर किए गए मामलों की जानकारी भी मांगी है। यदि कोई वाद दायर हुआ है तो उसकी अद्यतन स्थिति भी बतानी होगी। सभी सूचनाएं निर्धारित ई-मेल पर शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।