गोरखपुर। कुसम्ही जंगल के पास रविवार दोपहर बाद पांच युवकोें ने 12565 (बिहार संपर्कक्रांति )और 15027 (मौर्या एक्सप्रेस) पर पत्थर बरसा दिए। माैर्या एक्सप्रेस के गार्ड ने अंडरपास के आगे कुछ युवकों के खड़े होने और ट्रेन पर पत्थर लगने की सूचना दी। इसकेे बाद आरपीएफ ने कुसम्ही जंगल में घेराबंदी करके पांच युवको को पकड़ लिया। इस दाैरान पत्थर लगने से एक महिला यात्री के घायल होने की भी सूचना मिली।
आरपीएफ के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पूछताछ में युवकों ने नशे की हालत में गाड़ी संख्या 12565 (बिहार संपर्कक्रांति )और 15027 (मौर्या एक्सप्रेस) पर पत्थर फेंकने की बात बताई। पकड़े गए युवकों की पहचान नंदानगर निवासी विकास कुमार (22), शंकर कुमार (20), धीरज कुमार (19), कुशीनगर के बेलवनिया निवासी शिव कुमार (18) और गोलचहा पडरौना छावनी निवासी राजन (18) के रूप में हुई।
गार्ड ने दी सूचना, तत्काल हरकत में आया आरपीएफ
रविवार को गाड़ी संख्या 15027 के गार्ड ने वीएचएफ सेट से आरपीएफ को सूचना दी कि अंडरपास के आगे कुसम्ही की ओर कुछ युवक खड़े हैं और ट्रेन पर पत्थर मारा गया है। सूचना में यह भी बताया गया कि पत्थर लगने से एक महिला यात्री घायल हुई है। ट्रेन संचालन से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। जवानों के पहुंचते ही वहां मौजूद पांचों युवक भागने लगे। टीम ने पीछा किया और कुछ दूरी पर सभी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान युवकों ने दो ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की बात बताई। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
- देवरिया क्षेत्र में मिला घटनास्थल
आरपीएफ की जांच में पत्थरबाजी का घटनास्थल किलोमीटर संख्या 499/8-9 पर मिला। यह स्थान वाराणसी मंडल के क्षेत्राधिकार में आता है। क्षेत्राधिकार के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए पांचों युवकों को आरपीएफ पोस्ट देवरिया और राजकीय रेलवे पुलिस देवरिया को सौंप दिया गया। चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है और बड़ा हादसा भी हो सकता है। ऐसे मामलों में रेलवे की ओर से निगरानी बढ़ाने के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
कोट
ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। पांच आरोपियों को पकड़कर आवश्यक कार्रवाई की गई है।
-सत्येंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ पोस्ट गोरखपुर छावनी