गोरखपुर के हिंदी बाजार के पांच सराफा कारोबारी जांच एजेंसी के रडार पर हैं। अवैध साेने के साथ पकड़े गए युवक ने इन कारोबारियों के बारे में कई अहम जानकारियां एजेंसी को दी है। बताया जा रहा है कि हिंदी बाजार के व्यापारी तारामंडल स्थित डीआरआई के दफ्तर के आसपास भी घूमते दिखे। इसकी जानकारी भी एजेंसी को हो गई है। अब इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़कर कुछ अहम कार्रवाई की जा सकती है।
एजेंसी के सामने जो पांच नाम आए हैं, वे लंबे समय से सोने के अवैध धंधे से जुड़े हैं। वहीं, बड़हलगंज की तिकड़ी से भी इनका कनेक्शन सामने आया है। सोने पर तीन प्रतिशत जीएसटी लगता है। अवैध सोने का धंधा करके तस्कर जीएसटी की चोरी तो करते ही हैं, अवैध सोने काे भी खपाते हैं। इसकी खरीदारी और बिक्री रिकाॅर्ड में नहीं होती।
ऐसे में इसे खपाने में इन्हें खुद तो आर्थिक लाभ (बिना जीएसटी जमा किए) मिलता है, लेकिन विभागों को राजस्व की क्षति पहुंचाते हैं। सूत्रों ने बताया कि धंधेबाजों के धंधे की गोपनीय सूचनाएं कुछ व्यापारियों के जरिए ही एजेंसी तक पहुंच रही हैं। इसी आधार पर हिरासत में लिए गए युवक और बाजार के अवैध सोने के धंधेबाजों की पहचान में टीम को आसानी हुई है।
शहर के सोने की साख हो गई खराब
गोरखपुर के सोने के आभूषणों की साख खराब हो गई है। सराफा व्यापारियों ने बताया कि बाहर से आने वाले व्यापारी अब गोरखपुर सराफा बाजार से सोने की खरीदारी के समय असली-नकली जरूर पूछते हैं। इसके अलावा यहां से बाहर जाकर सोने का व्यापार करने वाले व्यापारियों को काफी प्रयास कर विश्वास दिलाना होता है कि उनका सोना पूरी तरह खरा है। इसमें मिलावट नहीं है।
हिरासत में लिए गए शख्स को लेकर बाजार में भी चर्चा
हिरासत में लिए गए शख्स को लेकर हिंदी बाजार में भी पूरे दिन चर्चा बनी रही। बाजार के लोग एजेंसी के दफ्तर पहुंचकर भी हिरासत में लिए गए शख्स की पहचान करना चाह रहे थे। कुछ व्यापारियों ने डीआरआई के अधिकारियों से भी संपर्क कर कार्रवाई को लेकर जानकारी लेनी चाही थी।