गोरखपुर। चिड़ियाघर में बाघ के बाड़े में एक बार फिर रौनक लौटने वाली है। पिछले एक वर्ष के दौरान अलग-अलग जिलों से रेस्क्यू कर लाए गए पांच बाघों को अब मुख्य बाड़ों में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इनमें तीन बाघिन और दो बाघ शामिल हैं, जिन्हें बहराइच, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी के जंगलों और आबादी वाले क्षेत्रों से पकड़कर सुरक्षित रूप से चिड़ियाघर लाया गया था।
चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, सभी बाघों को पहले क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज और व्यवहार परीक्षण किया गया। शुरुआत में ये बाघ काफी आक्रामक और तनावग्रस्त थे लेकिन लंबे समय तक देखरेख और अनुकूल माहौल मिलने के बाद अब इनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखा गया है। उग्रता भी पहले की तुलना में काफी कम हो गई है।
उप निदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि रेस्क्यू सेंटर में सीमित जगह होने के कारण अब इन बाघों में से कुछ को चरणबद्ध तरीके से मुख्य बाड़ों में स्थानांतरित किया जाएगा। सभी बाघों को एक साथ शिफ्ट करने के बजाय एक-एक कर मुख्य बाड़ों में छोड़ा जाएगा, ताकि वे नए वातावरण में आसानी से खुद को ढाल सकें। अब इनकी खुराक भी सामान्य हो गई है और यह चिड़ियाघर के वातावरण में ढल गए हैं।