अधीक्षण अभियंता (एसई) संग दुर्व्यवहार मामले में उनकी तहरीर पर पुलिस ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी पर गंभीर धाराएं लगी हैं। एसई की तहरीर के मुताबिक बिजली निगम के तीन कर्मचारियों, एक बाहरी व्यक्ति और एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा इनकी विभागीय जांच भी पूरी हो गई है।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने शुक्रवार को ही कैंट थाने में तहरीर दी थी। लेकिन, मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। बिजली निगम के अभियंता संग उनके अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार, सरकारी काम में बाधा, आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग, जैसे आरोपों की जानकारी एसएसपी को हुई तो उन्होंने नाराजगी जताई।
उनके निर्देश पर बुधवार की शाम कैंट थाने में संदीप श्रीवास्तव, क्षेत्रीय सचिव (विभाग से किसी तरह का संबंध नहीं), इस्माइल खान, संरक्षक (सेवानिवृत्त कर्मचारी, बिजली निगम), अरूण गुप्ता, विद्युत परीक्षण खंड, प्रथम (सदस्य), दयानंद, तकनीकी कर्मचारी, विद्युत नगरीय वितरण खंड चतुर्थ और अशोक कुशवाहा, तकनीकी कर्मचारी विद्युत वितरण खंड कौड़ीराम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।
चेयरमैन ने भी सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
अधीक्षण अभियंता के साथ दुर्व्यवहार करने वालों में तीन कर्मचारी बिजली निगम के भी थे। इसकी जानकारी होने पर चेयरमैन ने मामले की गंभीरता और सेवा नियमवाली के उल्लंघन का दोषी तीनों को माना। वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच करवाने और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने वाले सभी पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बिजली निगम के कर्मचारियों को सेवा नियमावली का ध्यान होना चाहिए। मांगों को लेकर विरोध स्वाभाविक है, नेता अधिकारियों के पास जाते हैं। लेकिन, शैली, बोली, आचरण सब संयमित होनी चाहिए। कर्मचारी नेता खुद को अधिकारियों से बड़ा समझने लगते हैं। ऐसे आचरण की वजह से वे अपना और परिवार का नुकसान कर जाते हैं। वायरल वीडियो बेहद ताज्जुब वाला था। - शेष बघेल, निदेशक कार्मिक
अधीक्षण अभियंता की तहरीर पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। विभागीय जांच भी पूरी हो गई है। सख्त कार्रवाई की संस्तुति के साथ चेयरमैन को पत्र लिख दिया है। जैसा निर्देश मिलेगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी। -एके सिंह, मुख्य अभियंता