बोलेरो अनियंत्रित होने से हुआ था हादसा, गई थी पांच दोस्तों की जान
देवरिया। लार-सलेमपुर मार्ग पर सोमवार की रात माधोपुर गांव के सामने मार्ग दुर्घटना में पांच दोस्तों की मौत का कारण बोलेरो का अनियंत्रित हो जाना था। मौके पर मौजूद सड़क बनाने वाले मजदूरों के मुताबिक पुलिया के पास पहुंचते ही बोलेरो की गति एकदम से तेज हो गई और वह सीधे पुलिया से टकरा गई थी। दुर्घटना में घायल युवक अवनीश सिंह मेडिकल कालेज, गोरखपुर में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई हादसे को लेकर ही चर्चा कर रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव सीधे मृतकों के गांव पहुंचे। जहां उनके परिवार के लोगों ने बिहार सहित अन्य अलग-अलग घाटों पर मुखाग्नि दी। एकसाथ पांच चिताएं जलती देख मौजूद लोग फफक पड़े।
थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव के सामने लार-सलेमपुर मार्ग पर रावतपार अमेठिया निवासी राजन सिंह (28 वर्ष), प्रमोद यादव (26) निवासी ककरौली, बिहार के मैरवा मुडिंयारी निवासी नागमणि सिंह (30), जतउर बाजार गुठनी निवासी चंद्रप्रकाश सिंह (32), बेलौर गुठनी निवासी अवनीश सिंह पुल पर बैठे थे। यह लोग बोलेरो से सलेमपुर की तरफ गए दोस्तों के आने का इंतजार कर रहे थे। यहीं पास ही में सड़क बनाने वाले मजदूर काम कर रहे थे। मजदूरों के मुताबिक कुछ ही देर में बोलेरो पुलिया के पास पहुंची तो एकाएक उसकी रफ्तार तेज हो गई, जिससे वह पुलिया से जा टकराई और वहां बैठे दोस्तों को चपेट में ले लिया।
इसमें मौके पर ही चालक प्रिंस तिवारी, राजन सिंह, प्रमोद यादव, नागमणि सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह की मौत हो गई। जबकि अवनीश सिंह घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। घटना के बाद से ही ककरौली, रावतपार अमेठिया, गोरखपुर के सहजनवां, बिहार गुठनी क्षेत्र के जतउर बाजार, बेलौर और गोड़यारी मैरवा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में चूल्हे तक नहीं जले हैं। हर तरफ लोग घटना से जुड़ी बातें कर रहे हैं। गांव में पसरा सन्नाटे के बीच महिलाओं की चीख पुकार की आवाज सुनाई देने से पूरा माहौल गमगीन है।
विदेश जाने का सपना रह गया अधूरा
सोमवार की रात करीब 11 बजे हुई दर्दनाक हादसे में मरे राजन सिंह, प्रिंस तिवारी और प्रमोद यादव के बीच काफी लगाव था। उधर मृतक चंद्रप्रकाश सिंह उर्फ गुड्डू, नागमणि सिंह और अवनीश सिंह भी गहरे दोस्त थे। तीनों विदेश जाने की तैयारी में लगे थे। इसी सिलसिले में मेडिकल कराने आए थे। जहां से लौटने के दौरान हादसे का शिकार हो गए। ग्रामीणों के अनुसार प्रिंस अपने मामा के घर रावतपार अमेठिया जब भी आता तो राजन और प्रमोद से जरूर मिलता था। तीनों के बीच लंबे समय से दोस्ती थीं। सोमवार को प्रिंस बोलेरो लेकर सहजनवां से रावतपार अमेठिया मामा के घर पहुंचा और दोस्तों से मिलने चला गया। प्रमोद भी अपनी बीमार बहन का इलाज कराने के बाद उसे ससुराल छोड़ प्रिंस और राजन के पास पहुंचा। राजन के दो अन्य दोस्त भी साथ में मौजूद थे, जो बिहार के बताए जा रहे हैं। लार सलेमपुर मार्ग पर सभी दोस्त देर रात सड़क के किनारे पुलिया पर बैठ बात कर रहे थे। सभी के घर से फोन आया तो इन लोगों ने जल्द आने की बात कहकर फोन रख दिया। परिवार वालों को क्या पता कि अब वह कभी भी लौट के नहीं आएंगे। तभी देर रात उनकी मौत की खबर घर पहुंची। यह सुन सभी स्तब्ध रह गए और चीख पुकार मच गई।
प्रमोद की दो साल पहले हुई थी शादी, पांच माह की है बेटी
सोमवार को प्रमोद यादव बहन इंदु यादव का इलाज करा उसे उसके घर छोड़ शाम सात बजे से नकला। अभी वह घर भी नहीं पहुंचा था। तभी रास्ते में उसके दोस्तों ने बुला लिया। पत्नी सुमन ने फोन कर जल्दी घर आने की बात कही तो थोड़ी देर में पहुंचने को कहा। प्रमोद तो नहीं आया, पर रात 11 बजे के बाद मौत की खबर पत्नी को मिली। प्रमोद की मौत की खबर मिलते ही पत्नी सुमन बदहवास हो गई। दो वर्ष पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। प्रमोद की बेटी अभी पांच माह की है। पत्नी सुमन रोते हुए कह रही थीं कि अब हम केकरी सहारे रहब। और रो रही बेटी को चुप करा रही थी। मां देवंती देवी को बेटे की मौत की खबर सुबह दी गई। वह रात में नौ बजे सो गई थी। सुबह दरवाजे पर जुटे लोगों को देख वह दहाड़े मार रोने लगी। प्रमोद तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई मनोज, विनोद घर पर ही रह खेतीबाड़ी का कार्य कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। पिता जयमंगल यादव किसान हैं।
देवदूत बन कर दौड़े इलाके के लोग
सलेमपुर मार्ग पर माधोपुर गांव के सामने हुए दर्दनाक हादसे की आवाज इतनी तेज हुई की लोग अवाक रह गए। पास ही में काम कर रहे मजदूरों के अलावा गांव के लोग भी घटना स्थल के तरफ दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को निकाला। मवलिया नंबर दो के एक युवक ने बताया कि घायल सड़क के किनारे तड़प रहे थे। यह मंजर देख पैर कांप रहा था, लेकिन जिद्द थी बोलेरो से घायलों को निकाल अस्पताल पहुंचाने की। रावतपार अमेठिया के अनुराग सिंह सलेमपुर स्टेशन से किसी को छोड़ वापस घर लौट रहे थे। हादसा देख बचाव में लग गए। अनुराग ने बताया कि जीवन में कभी ऐसा हादसा नहीं देखा था। हम कुछ मौजूद साथियों की मदद से घायलों को पानी से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शी अभय सिंह उर्फ छोटू ने बताया कि ज्यादातर घायलों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
बचपन में ही राजन के सिर से माता-पिता का उठ गया था साया
घटना में मरे रावतपार अमेठिया गांव के राजन सिंह के सिर से बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया था। वह दो भाइयों में बड़े थे। उससे छोटा भाई राजू सिंह हैं। जो विदेश की एक कंपनी में काम करते हैं। भाई के मौत की खबर मिलते ही वह विदेश से घर के लिए रवाना हो गए हैं।
प्रिंस तिवारी की नवंबर में होनी थी शादी
गोरखपुर के सहजनवां निवासी प्रिंस तिवारी की शादी नवंबर में होनी थी। इसको लेकर परिवार के लोग तैयारी में जुटे थे। वह मामा के घर के लोगों और अपने दोस्तों को अपनी शादी में ले जाने की बात अक्सर कहते थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही घर के अलावा उसकी होने वाली ससुराल में भी चीखपुकार मच गई।
लार पुलिस ने दिखाई सक्रियता
घटना की जानकारी प्राप्त होते ही प्रभारी निरीक्षक टीजे सिंह एसएसआई भूपेंद्र सिंह मयफोर्स घटना स्थल पर पहुंच गए। यहां सक्रियता दिखाते हुए लोगों की मदद लेकर घायल और शवों को जिला अस्पताल भेजवाया। रात में ही पलटी बोलेरो को क्रेन की मदद से बाहर निकलवाया गया। सीओ सलेमपुर भी मौके पर पहुंच गए।