पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार, जिले के पशु पालकों को पांच एंबुलेंस देने जा रही है। यह 102, 108 जैसे नंबरों की तर्ज पर काम करेगा। इसके लिए डायल नंबर का निर्धारण जल्द ही होगा। पशुपालक, अपने बीमार मवेशियों की सूचना देकर इलाज का लाभ ले सकते हैं।
प्रत्येक एंबुलेंस में एक संविदा के वेटरेनरी चिकित्सक, एक सहायक व एक चालक मौजूद रहेंगे। यह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। प्रत्येक एक लाख जानवर पर एक एंबुलेंस दी जाएगी।
गोरखपुर में पांच लाख 42 हजार पालतू गाय-भैंस हैं। इसलिए यहां पांच एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी। इसको लेकर जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों के साथ पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव की बैठक भी हो चुकी है। इसमें बताया गया है कि सेवा शुरू होने से मवेशियों का आसानी से इलाज हो सकेगा।
एंबुलेंस में जानवरों के उपचार की पूरी व्यवस्था रहेगी। बावजूद इसके आराम नहीं मिलने पर हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से जानवरों को लादकर पशु अस्पतालों पर लाया जाएगा। वहां उनका उपचार होगा। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और इसके लिए लखनऊ में कॉल सेंटर बनाया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि एंबुलेंस की सुविधा के लिए लखनऊ में मीटिंग हो चुकी है। सेवा शुरू होने से मवेशियों को इसका लाभ मिल सकेगा। निराश्रित मवेशियों का भी इलाज हो सकेगा।