इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, टर्नर, डीजल मैकेनिक सरीखी प्रचलित ट्रेड में भी अभ्यर्थियों की संख्या में गिरावट आई है। पहले चरण में इन ट्रेड में अक्सर 80 फीसदी तक सीट भर जाती हैं, मगर इस बार गोरखपुर जिले (65 फीसदी) को छोड़ दे तो बाकि जनपदों में यह आंकड़ा 50 फीसदी तक है।
गोरखपुर मंडल के राजकीय आईटीआई में प्रवेश के लिए पहले चरण की काउंसिलिंग मंगलवार को समाप्त हो गई। पहले चरण में मंडल के कुल 24 राजकीय आईटीआई की 6886 सीटों के सापेक्ष 2133 अभ्यर्थियों (30 फीसदी) ने प्रवेश लिया है। गोरखपुर जिले के आठ राजकीय आईटीआई में 2152 सीटों के सापेक्ष 1254 अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई है।
विज्ञापन
आंकड़ों के अनुसार, फीटर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, टर्नर, डीजल मैकेनिक सरीखी प्रचलित ट्रेड में भी अभ्यर्थियों की संख्या में गिरावट आई है। पहले चरण में इन ट्रेड में अक्सर 80 फीसदी तक सीट भर जाती हैं, मगर इस बार गोरखपुर जिले (65 फीसदी) को छोड़ दे तो बाकि जनपदों में यह आंकड़ा 50 फीसदी तक है। कोरोना महामारी के बाद से आईटीआई में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है।
गोरखपुर जिले में आठ राजकीय आईटीआई और 154 निजी आईटीआई में कुल 21,760 सीटें है। मगर, सत्र 2022-23 में आवेदकों की संख्या महज 7614 है। सबसे ज्यादा खराब हालत निजी आईटीआई की है। जहां, 14,146 सीटें के लिए आवेदन ही नहीं किया गया है।
विज्ञापन
जेडी आईटीआई राजेश राम ने कहा कि राजकीय आईटीआई में प्रवेश के लिए पहले चरण की काउंसिलिंग समाप्त हुई है। उम्मीद के मुताबिक सीटों के सापेक्ष अभ्यर्थियों का प्रवेश नहीं हुआ है। आने वाले चरणों में प्रवेश को पूर्ण कराने की कोशिश होगी।