डॉ अनुराग सिंह ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक दो तरह के होते हैं। पहला सिस्मिक स्ट्रोक होता है। इसमें दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह कुछ कारणों से रुक जाता है। इसकी वजह से दिमाग की नसों में खून का थक्का जम जाता है। इससे ब्रेन हेमरेज होने की संभावना 99 प्रतिशत हो जाती है। जबकि, दूसरा हेमरेजिक स्ट्रोक होता है। इसमें दिमाग की नसें फटने से ब्लड का प्रवाह तेज हो जाता है। इसमें मरीज के शरीर के किसी भी हिस्से में लकवा मार सकता है। कई बार मरीजों की मौत तक हो जाती है।
ये हैं लक्षण
- शरीर के एक हिस्से, चेहरे, हाथ, टांग में सुन्नपन, बोलने और समझने में मुश्किल, एक या दोनों आंखों से साफ न दिखना।
- तेज सिर दर्द, उल्टी होना, जी मिचलाना, शरीर के किसी भी हिस्से में अकड़न के साथ उसमें दर्द का पता न चलना।