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Gorakhpur News: असलहों-गाड़ियों के काफिले के शौक और भौकाल के चक्कर में आर्थक बन गया मनबढ़

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गोरखपुर। छात्रनेता के घर पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी आर्थक सिंह असलहों-गाड़ियों के काफिले के जरिये सोशल मीडिया पर भौकाल जमाने का शौकीन है। यही भौकाल उसे अपराध के दलदल में ले गया। उसका संबंध बरही के प्रभावशाली परिवार से बताया जा रहा है। उसके पिता क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हैं।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि किशोरावस्था से ही आर्थक जन्मदिन, शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में हथियारों और लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ नजर आता था। सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी हथियारों के साथ तस्वीरें और गाड़ियों के काफिले का प्रदर्शन देखा जा सकता है। सूत्रों का दावा है कि कुछ समय पहले गोरखपुर में भी आर्थक कानूनी पचड़ों में फंसते-फंसते बचा था, जहां कथित तौर पर पिता ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।




फेसबुक पर राजनीतिक पहचान बनाने के लिए कई पोस्ट साझा किए



आर्थक सिंह और उसके पिता के फेसबुक वॉल पर बड़े काफिले, लग्जरी एसयूवी और असलहाधारियों के साथ तस्वीरें पोस्ट की जाती रही हैं। राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में आर्थक के नाम से कई पोस्ट साझा किए गए, जिनमें खुद को भावी नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया। तस्वीरों में भीड़, गाड़ियों की लंबी कतार और हथियारों का खुला प्रदर्शन साफ दिखाई देता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस तरह का सार्वजनिक प्रदर्शन युवाओं में गलत संदेश देता है और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
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जन्मदिन पर निकला था काफिला



करीब चार साल पहले अपने जन्मदिन पर आर्थक सिंह तारामंडल से अपने गांव तक गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ गया था। आरोप है कि इस दौरान ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की गई और खुली गाड़ियों में हथियार लहराए गए। मामले की शिकायत सोशल मीडिया पर होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया था। सूत्रों के मुताबिक, उस समय आर्थिक जुर्माना लगाकर प्रकरण का निस्तारण कर दिया गया था।
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