केस दर्ज करने के नाम पर महिला से रुपये मांगने वाले 2018 बैच के दरोगा विवेक चतुर्वेदी के खिलाफ जिले के गोला थाने में बुधवार की देर रात भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी गोला की जांच में भ्रष्टाचार का आरोप सही पाया गया था। लिहाजा, एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने गुरुवार की देर शाम दरोगा को निलंबित कर दिया।
अपने ही थाने में केस दर्ज होने के बाद से दरोगा भाग गए हैं। पुलिस गिरफ्तारी की कोशिश में लगी है। दरोगा की बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकती है। संभवत: यह जिले का पहला मामला है, जब शिकायत व जांच के बाद दरोगा के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
आरोपी दरोगा विवेक चतुर्वेदी मूलरूप से गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी जगदीश नारायण चतुर्वेदी के पुत्र हैं। जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र की झरकटा गांव निवासी फुलवारी देवी ने दरोगा से बातचीत की वायस रिकार्डिंग के साथ एसएसपी को पत्र देकर शिकायत की थी। महिला का आरोप था कि 23 अक्तूबर को गांव के एक शख्स से विवाद हुआ था। पीड़िता की बहू आशा, देवरानी शारदा थाने पहुंची तो दरोगा ने केस दर्ज करने के नाम पर 25 हजार रुपये की मांग कर ली।
पीड़िता ने 20 हजार रुपये दे दिए और पांच हजार रुपये बाद में देने का भरोसा दिलाया। इस बीच महिला ने दरोगा से मोबाइल फोन पर बात की और उसे रिकार्ड कर लिया। इसकी भनक दरोगा को नहीं लग सकी। पांच हजार रुपये ना देने पर दरोगा ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर 27 अक्तूबर को महिला के परिवार वालों पर घर में घुसकर मारपीट करने और छेड़खानी की धारा में केस दर्ज कर लिया।