- परीक्षा समिति की बैठक में लिए गए कई अहम निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज यदि समय से आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षा के अंक अपलोड नहीं करते हैं तो उनपर अर्थदंड लगाया जाएगा। बुधवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक में छात्रहित तथा परीक्षा परिणामों के समयबद्ध घोषणा के दृष्टिगत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में सेमेस्टर परीक्षा के प्रयोगात्मक या मौखिकी परीक्षा के आंतरिक अंकों को निर्धारित समय पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भरे जाने के संदर्भ में परीक्षा समिति ने अहम निर्णय लिया। इसके तहत आंतरिक अंकों को भरे जाने के लिए पोर्टल एक माह पूर्व ही खोल दिया जाएगा तथा यह पूरी परीक्षा के दौरान खुला रहेगा। इस दौरान आंतरिक परीक्षा के अंकों को विश्वविद्यालय तथा कॉलेजों की ओर से पूरित किया जाना आवश्यक होगा। निर्धारित समयावधि में आंतरिक परीक्षा के अंकों को पूरित न किए जाने की दशा में संबंधित महाविद्यालय पर पांच हजार का अर्थदंड लगाते हुए पुनः 15 दिन के लिए पोर्टल खोला जाएगा।
कुलपति ने कहा कि निर्धारित समय में आंतरिक परीक्षा के अंकों को पूरित न किए जाने से विद्यार्थियों को असुविधा होती है तथा परीक्षाफल घोषित करने में भी विलंब होता है। परीक्षा समिति की ओर से लिया गया निर्णय विद्यार्थियों के हित में है तथा यह समय से परीक्षा परिणाम घोषित करने में मददगार साबित होगा।
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62 विद्यार्थियों को मिलेंगे 152 पदक
बैठक में छात्र-छात्राओं की डिग्री और शोधार्थियों की पीएचडी उपाधि का भी अनुमोदन हो गया। कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 66 छात्र-छात्राओं को 152 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 56 विश्वविद्यालय पदक और 96 स्पांसर्स हैं। परीक्षा समिति से डिग्री-उपाधि और पदकों का अनुमोदन हो गया।
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विद्या परिषद व कार्य परिषद की बैठक आज
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि दीक्षांत समारोह के मद्देनजर बृहस्पतिवा को विद्या परिषद और कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई है। इसमें परीक्षा समिति में अनुमोदित विषयों को स्वीकृति मिल सकती है।
43 वें दीक्षांत समारोह का लोगो जारी
डीडीयू में 30 अगस्त को आयोजित 43 वें दीक्षांत समारोह के प्रतीक चिह्न (लोगो) बुधवार को जारी कर दिया गया। डीडीयू के एमए ललित कला एवं संगीत विभाग के छात्र अभिषेक कुमार जैसवार ने इसे दीक्षांत समारोह के लिए डिजाइन किया है। कुलपति ने बताया कि मंगलवार को दूसरा लोगो जारी किया गया था। तकनीकी कारणों से उसे रोक दिया गया था।