वह देवर राहुल से तबीयत के बारे में पूछने लगी। इस बीच जूनियर डॉक्टर आ गए और कहासुनी के दौरान मारपीट हो गई। आरोप है कि इस बीच जूनियर डॉक्टर इकट्ठा हो गए। गोल्डी राजभर का आरोप है कि दर्जन भर जूनियर डॉक्टरों ने मुझे, मेरे भाई गोलू, देवर राहुल को लाठी डंडे से मारापीटा। इसकी वजह से राहुल का सिर फट गया।
इस बीच वार्ड की गैलरी में लगे लोहे के गेट को गार्ड ने बंद कर दिया। रिश्तेदार रामकिशुन निवासी कप्तानगंज कुशीनगर और मां मीरा सहित अन्य तीमारदारों ने गेट को धक्का देकर तोड़ा, तब जाकर राहुल और गोलू की जान बची। वहीं, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ महीम मित्तल ने आरोप लगाया है कि राहुल और गोलू मेडिसिन विभाग में मौजूद थे।
मरीज को जरूरी दवाइयां दी जा चुकी थी। दोनों तीमारदार बार-बार मरीज के बारे में पूछकर काम में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। राहुल नाम के व्यक्ति ने चार से पांच लोगों को बुलाकर डॉ सुशांत को जान से मारने की नियत से मारना शुरू कर दिए।
डॉ रोहित शर्मा, डॉ विष्णु दूबे, डॉ असीम यादव डॉ अवरार हुसैन, डॉ अफरोज नईयर बचाने पहुंचे तो उन्हें भी मारापीटा गया। पुलिस ने होमगार्ड जयगोविंद और रामकिशुन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
विवाद के बीच दो घंटे मेडिसिन विभाग का इमरजेंसी वार्ड प्रभावित रहा। इस दौरान किसी मरीज का इलाज नहीं हो पाया। एक दर्जन से अधिक मरीज मारपीट के डर की वजह से वार्ड से भाग खड़े हुए। पुलिस के पहुंचने पर मरीजों की भर्ती शुरू हो पाई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग डॉ महीम मित्तल की तहरीर पर राहुल निवासी भिसवा थाना पिपराइच, गोलू निवासी नकहा नंबर एक, रामकिशुन निवासी भरसा नारायण कुशीनगर, जयगोविंद निवासी विशुनपुरा बाबू चौरीचौरा सहित दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि डॉक्टर की तहरीर के आधार पर हत्या का प्रयास, बलवा सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए टीम लगा दी गई है।