गोरखपुर। एम्स क्षेत्र के सिंघड़िया के पास बुधवार की रात में गाड़ियों में टक्कर के बाद जूनियर डॉक्टर और दवा विक्रेता में मारपीट हो गई। आरोप है कि बाइक सवार दवा विक्रेता ने गेट नंबर तीन के पास कार सवार डॉक्टर पर हमला कर दिया। इस दौरान वहां जूनियर डॉक्टरों भी पहुंच गए और उन लोगों ने दवा विक्रेता पक्ष की पिटाई कर दी। दोनों पक्ष से पांच लोग चोटिल हो गए।
वहीं एम्स थाने की पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी पक्ष की तरफ से तहरीर नहीं मिली है। एम्स में परिसर में जाकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
बताया जा रहा है कि घायल एम्स के डॉक्टर, गार्ड व एक छात्र का इमरजेंसी में इलाज चल रहा है, जबकि दूसरा पक्ष पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया था। पुलिस सीसी टीवी कैमरों की मदद से जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार की रात में 10.30 बजे के करीब दो जूनियर डॉक्टर कार से सिघड़िया की ओर गए थे। लौटते समय बाइक सवार दो दवा विक्रेता की बाइक में टक्कर हो गई। इसी बात पर विवाद हो गया, लेकिन मौजूद लोगों ने मामले को शांत करा दिया। कार से जूनियर डॉक्टर एम्स की ओर बढ़े, लेकिन पीछे से बाइक सवारों ने पीछा किया और अपने लोगों को भी फोन करके बुला लिया था। एम्स गेट नंबर तीन पर पहुंचते ही कार को रोककर दवा विक्रेता पक्ष के लोग हमलावर हो गए।
बताया जा रहा है कि मारपीट होता देख गार्ड भी आया और अंदर से 15-20 की संख्या में एमबीबीएस छात्र भी आ गए। दोनों पक्ष की मारपीट में पांच लोग चोटिल हो गए। इसी बीच घटना की सूचना पाकर पुलिस भी आ गई। पुलिस को आता देखकर दवा विक्रेता फरार हो गए। मारपीट की असल वजह दवा के कमीशन का विवाद बताया जा रहा है। एम्स के कुछ डॉक्टर अपने पसंदीदा कंपनी की दवाओं को लिखते हैं, जिसे पिछले कई दिनों से दवा विक्रेता पसंद नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि बुधवार को मामूली सी टक्कर एक बड़े विवाद में बदल गई।