गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का मूल्यांकन अब छात्र भी करेंगे। विश्वविद्यालय नए सत्र से पहली बार ‘स्टूडेंट फीडबैक सिस्टम’ लागू करने जा रहा है। इसके तहत छात्र बताएंगे कि विश्वविद्यालय में क्या बेहतर है और कहां बदलाव की जरूरत है।
फीडबैक में छात्र शिक्षकों की अध्यापन गुणवत्ता, परीक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, कैंटीन, पेयजल, स्वच्छता और शौचालय जैसी सुविधाओं पर अपना सुझाव दर्ज कर सकेंगे। फीडबैक केवल औपचारिकता नहीं होगा बल्कि शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था भी की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को निर्धारित फीडबैक फॉर्म उपलब्ध कराएगा। इसमें छात्र पढ़ाई से लेकर परिसर की बुनियादी सुविधाओं तक हर पहलू पर सुझाव और शिकायतें दर्ज कर सकेंगे। इन शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा और उनके समाधान की निगरानी की जाएगी।
फीडबैक प्रक्रिया में शिक्षक की विषय पर पकड़, अध्यापन शैली, विद्यार्थियों से संवाद, समय पर कक्षाएं लेने, डिजिटल तकनीक के उपयोग और पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने जैसे बिंदुओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
अब तक विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों का मूल्यांकन मुख्य रूप से प्रशासनिक स्तर पर होता रहा है। विश्वविद्यालय पहली बार छात्रों को भी गुणवत्ता आकलन की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनाने जा रहा है। इससे प्रशासन को समस्याओं की वास्तविक जानकारी मिलने से सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलेगी।