दोनों को इलाज के लिए पड़ोसी अस्पताल ले गए, जहां दोनों की ही मौत हो गई। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव मिला। परिवार में किसी अन्य पुरूष के न होने के कारण पड़ोसी फूलचंद ने बाप-बेटे को मुखाग्नि दी।
इस संबंध में आजाद नगर चौकी प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। राम हरख की पत्नी सुनीता और उसकी बेटी रूबी दोनों लोगों के घरों में चौका बर्तन करती हैं। दोनों की मौत के संबंध में किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं है। दोनों को मुखाग्नि पड़ोसी द्वारा दी गई है।