बेटे की बरात विदा करके महिलाएं घर पर नाच गा रही थी। इधर बराती भी बरात में पहुंच कर दूल्हे के साथ जलपान कर रहे थे। उसी बीच दूल्हे के पिता की हादसे में मौत होने की खबर पहुंच गई।
घटना की जानकारी होते ही खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। दूल्हा समेत सभी बराती बैरंग वापस गांव लौट गए। बेटे की शादी की जगह लोग पिता की अर्थी उठाने की तैयारी शुरू कर दिए।
बस्ती जिले के मुंडेरवा क्षेत्र के खजुही उर्फ बांसगांव के रहने वाले 58 वर्षीय रामचंद्र प्रजापति के तीन बेटे और दो बेटियां हैं। दो बेटे और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटे बेटे ईश्वरचंद की सोमवार को शादी थी। बेटे की बरात भी कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के इनायतपुर गांव में पहुंच गई थी।
इधर बेटे की बरात में शामिल होने रामचंद्र गांव के प्रेम नारायण दुबे के साथ बाइक पर पीछे बैठ कर जा रहे थे। जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांटे तिराहे पर पहुंचे ही थे। वैसे ही गोरखपुर से बस्ती की ओर जा रही प्राइवेट बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रामचंद्र की मौके पर मौत हो गई। जबकि प्रेम नारायण मामूली रूप से घायल हो गए।