- मेडिकल स्टोर संचालक की ओर से बच्ची को इंजेक्शन लगाने के बाद हो गई थी मौत
उरुवा बाजार। मुख्य चिकित्साधिकारी गोरखपुर के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी त्रिपाठी ने मंगलवार को बांसगांव थाना क्षेत्र के मसूरिया गांव निवासी दिव्या की मौत के कारणों को लेकर उसके माता-पिता से गहन पूछताछ की। चूंकि मामला मेडिकल स्टोर से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को पत्र भेजा गया है।
डॉ. त्रिपाठी ने दिव्या की बीमारी के संबंध में उसकी मां शशिकला और पिता दिनेश से जानकारी ली। मां ने बताया कि उनकी नौ वर्षीय बेटी दिव्या को एक-दो दिन से हल्का बुखार था। रविवार को वह दवा लेने एसएन मेडिकेयर, जौहराबाद माल्हनपार गई थीं। मां का आरोप है कि वह दवा मांग रही थीं लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक अरुण ने जल्द ठीक होने की बात कहकर दिव्या को इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद बच्ची के मुंह से झाग निकलने लगा और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई।
डॉ. त्रिपाठी ने माता-पिता के स्वास्थ्य की भी जांच की। दोनों सदमे में थे, जिनकी काउंसलिंग कर आवश्यक सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा में संपर्क करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही कहा कि बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा देना या इंजेक्शन लगाना मेडिकल स्टोर संचालक के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।