खुद को आईएएस बताकर कैंट थाना क्षेत्र की युवती से शादी रचाने वाले प्रीतम निषाद को पुलिस ने मंगलवार को जालौन जिले से गिरफ्तार कर लिया। उसपर कई शादियां रचाकर लड़की पक्ष से रुपये ऐंठने के आरोप हैं। गोरखपुर की युवती के परिजनों से भी उसने 15 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी निमिष पटेल ने पुलिस लाइंस में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि युवती के पिता की तहरीर पर कैंट पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश में इटावा स्थित आरोपी के घर पहुंची। वहां प्रीतम मौजूद नहीं था। पुलिस को उसकी लोकेशन जालौन में मिली।
पुलिस पहुंची और कालपी रेलवे स्टेशन के पास से प्रीतम निषाद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह केवल हाईस्कूल पास है और फर्जी आईएएस बनकर कई शादियां कर चुका है।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी खुद को मणिपुर कैडर का आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। उसके पास से मोबाइल फोन, टैबलेट और आधार कार्ड बरामद हुए हैं। आरोप है कि उसने 25 शादियां की हैं। हालांकि अब तक की जांच में दो शादियों की पुष्टि हुई है, अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने इटावा में आरोपी के जीजा भानू निषाद से पूछताछ की तो उसने बताया कि प्रीतम न तो आईएएस है और न ही उसने कभी इस परीक्षा की तैयारी ही की। वह सिर्फ फर्जी पहचान बनाकर लोगों पर रौब जमाता था। यहीं नहीं, प्रीतम ने उनके घर को अपना बताकर गोरखपुर की युवती से शादी की थी।
आरोपी के जीजा ने पुलिस को बताया कि 11 मार्च को शादी हुई, लेकिन दूसरे ही दिन जब वह पत्नी को लेकर इटावा पहुंचा, तब लड़की पक्ष के लोग भी पीछे-पीछे आ गए। सच्चाई सामने आने पर हंगामा हो गया। इसके बाद परिजन युवती को वापस गोरखपुर ले गए।
पहले भी कर चुका है कई शादियां
गोरखपुर की पीड़ित युवती के परिजनों के अनुसार, प्रीतम पहले भी कई शादियां कर चुका है। पहली शादी औरैया जिले के दौलतपुर गांव में हुई थी। इस मामले में अभी तक तलाक भी नहीं हुआ है। वह कुछ समय इटावा में रहा और खुद को नौकरीपेशा बताता रहा, लेकिन बाद में गोरखपुर में फर्जी आईएएस बनकर दूसरी शादी कर ली। उधर, प्रीतम की चचेरी बहन रश्मि ने पुलिस को बताया कि लड़की पक्ष शादी से पहले घर भी देखकर गया था, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आने पर विवाद हुआ।
इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पटेल ने बताया कि खुद को आईएएस बताकर शादी रचाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिवार के अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
फर्जी आईएएस का मायाजाल
खुद को फर्जी आईएएस बताकर गोरखपुर की युवती से शादी रचाने वाला प्रीतम कुमार निषाद खुद को कभी आईएएस तो कभी एसडीएम बताकर लोगों को झांसे में लेता था। हैरानी की बात यह है कि इटावा स्थित उसका घर बदहाल है।
बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं, लेकिन फर्जी पहचान के सहारे उसने आलीशान छवि बना ली थी। वह लोगों पर भौकाल जमाने के लिए कार पर 'भारत सरकार' लिखवाकर असिस्टेंट के साथ चलता था।
प्रीतम की ठगी की शिकार गोरखपुर की युवती के पिता ने बताया कि शादी में वह शेरवानी पहनकर बरात में पहुंचा और सात फेरों से पहले भी कपड़े बदले। शादी में 20 से 30 बराती शामिल हुए थे। इटावा से दो लग्जरी कारों में करीब 10 लोग आए, जिनमें आरोपी के परिवार के सदस्य भी शामिल थे।
प्रीतम ने निषाद समाज के कई बड़े नेताओं, मंत्री और सांसदों को भी शादी का कार्ड भेजा था। कई स्थानीय नेता शादी में पहुंचे भी। इनमें से कुछ नेताओं को उस पर शक भी हुआ। उन्होंने लड़की पक्ष से अपनी शंका भी जताई थी।
युवती के पिता ने बताया कि प्रीतम सात मार्च को शादी से चार दिन पहले गोरखपुर आया था। जिस कार से वह आया, उस पर ‘भारत सरकार’ लिखा था और उसके साथ एक तथाकथित असिस्टेंट भी था। उसने घर आकर शादी का कार्ड दिया और बताया कि उसे गोरखपुर में मंत्री, सांसद और पुलिस अधिकारियों को भी कार्ड देना है। इसी बहाने उसने खुद को बड़ा अधिकारी साबित करने की कोशिश की।
फर्जी इंटरव्यू दिखाकर युवती के परिजनों का जीता भरोसा
संदेह होने पर प्रीतम ने सफाई में एक वीडियो दिखाया, जिसमें वह खुद को एसडीएम बताते हुए इंटरव्यू देता नजर आ रहा था। उसने दावा किया कि उसके रिश्तेदार उससे जलते हैं और शादी नहीं होने देना चाहते। इन बातों पर भरोसा कर 12 मार्च 2026 को विदाई की रस्म पूरी कर दी गई।
बाद में सच्चाई सामने आने लगी। जब मामला बिगड़ता दिखा, तो प्रीतम ने खुद ही स्वीकार किया कि वह आईएएस नहीं है, बल्कि एक कंपनी में काम करता था और उसने शादी के लिए छुट्टी ली थी। इसके बाद युवती के परिजनों ने इटावा के इकदिल थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहां पता चला कि उसके खिलाफ पहले से ही दो अन्य युवतियों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
युवती के परिजनों का दावा-25 शादियां कर चुका है प्रीतम
पीड़ित युवती के पिता का कहना है कि आरोपी प्रीतम 25 शादियां कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीतम ने फर्जी आईएएस बनकर पैसे ऐंठे और उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी। परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था। वह खुद बीमार हैं। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
सोशल ग्रुप से आया था रिश्ता
परिवार के मुताबिक, शादी के लिए रिश्ता समाज के एक ग्रुप के जरिये आया था। प्रोफाइल में प्रीतम को मनिकपुर में तैनात एसडीएम बताया गया था। परिजनों ने इटावा जाकर उसके घर की जांच भी की थी, लेकिन उसने वहां भी झूठी कहानी गढ़कर सबको भरोसे में ले लिया।