गोरखपुर में बाहर से आने वाले छोटे व्यापारी हों या फिर आम लोगों को चेकिंग के नाम पर ठगने वाले नकली पुलिस वाले असली पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बने हुए हैं। वे जब चाहते हैं वारदात कर फरार हो जाते हैं और पुलिस जांच के नाम पर ताकती रह जाती है। यह हाल तब है जब डीआईजी तक के आदेश पर इस गिरोह को पकड़ने के लिए विशेष टीम भी गठित की जा चुकी है। कुछ जालसाजों की फोटो भी पुलिस के हाथ लग चुकी है बावजूद इसके सफलता नहीं मिल पाई।
जानकारी के मुताबिक, सिर्फ तीन-चार महीने की बात करें तो छह घटनाएं सामने आ चुकी है। मगर एक का भी पर्दाफाश नहीं हो सका। एक के बाद एक वारदात सामने आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इसे लेकर एक बार फिर एडीजी अखिल कुमार ने पुलिस वालों को चेताया है और जल्द से जल्द घटनाओं के पर्दाफाश का निर्देश दिया ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि पुलिस टीमें लगी हैं। कुछ सुराग भी हाथ लगे, घटनाओं का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।
पुलिस लाउडस्पीकर से कर रही जागरूक
प्रमुख बाजारों में लाउडस्पीकर की मदद से पुलिस लोगों को जागरूक कर संदेश दे रही है कि बिना वर्दी वाले रोकें तो चेकिंग के नाम पर झांसे में ना आएं। संदेह होने पर तत्काल 112 या 100 पर पुलिस को सूचना दें। यह संदेश उन बाजारों और रास्तों में दिया जा रहा है जहां पर अक्सर घटनाएं होती हैं और बाहर से व्यापारी खरीदारी के लिए आते हैं।
हाल में हुईं घटनाएं
एक नवंबर : कोतवाली इलाके के घोष कंपनी के पास लखनऊ के व्यापारी से चेकिंग के नाम पर धौंस देकर 80 हजार रुपये लेकर बदमाश फरार हो गए।
14 नवंबर : शाहपुर इलाके में चेकिंग के नाम पर युवक से जालसाजी।
23 अक्तूबर : कोतवाली के काली मंदिर के पास महराजगंज के व्यापारी से 1.50 लाख लेकर बदमाश फरार हो गए।
16 अक्तूबर: कोतवाली इलाके में ही सिद्धार्थनगर के व्यापारी को झांसा देकर बदमाश 80 हजार लेकर भागे।
5 अगस्त : कैंट के सिंघड़िया के पास से कारोबारी के मुनीम से 18 हजार की जालसाजी।
10 सितंबर : कोतवाली इलाके के दुर्गाबाड़ी के पास बदमाश चेकिंग के नाम पर झांसा देकर गहने लेकर फरार हो गए।
9 सिंतबर : कैंट क्षेत्र में रेलवे स्टेशर पर एक युवक से बदमाश 17 हजार लेकर भागे।