गोरखपुर जिले में शुक्रवार की देर शाम से सोशल मीडिया पर ब्लॉक प्रमुख के आरक्षण संबंधी सूची तेजी से वायरल हो रही है, यह पूरी से फर्जी है। डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शासन स्तर से ब्लॉक वार ब्लॉक प्रमुख पद के आरक्षण से संबंधित कोई आदेश नहीं जारी हुआ है।
सिर्फ यह तय हुआ है कि जिले में ब्लॉक प्रमुख के कितने पद किस जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। उन्होंने बताया कि कौन से ब्लॉक में किस जाती वर्ग के लिए ब्लॉक प्रमुख का पद आरक्षित रहेगा इसका निर्धारण जिले स्तर से होगा।
बता दें कि शुक्रवार की देर शाम एक पत्र तेजी से वायरल हुआ, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों के ब्लॉक प्रमुख का पद किस जाती वर्ग के लिए तय किया गया है, उसकी जानकारी दर्ज थी। इस पत्र के वायरल होते ही ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी करने वालों में खलबली मच गई।
इसके बाद तो जिले से लेकर शासन स्तर के अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे। हर कोई इस पत्र की सच्चाई को लेकर सवाल पूछ रहा था। देर रात तक कहीं से इस पत्र को लेकर स्थिति नहीं साफ हो सकी। सुबह तक मामला गर्मा ने के बाद जिम्मेदारों ने स्थिति स्पष्ट की।
गोरखपुर के डीपीआरओ ने बताया कि अभी ऐसा कुछ भी निर्धारण नही हुआ है कि किस ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख का पद किस जाति वर्ग के लिए निर्धारित है। इसका निर्धारण जिले स्तर से होगा। इसकी प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू होगा। आरक्षण तय होने के बाद फिर आपत्ति मांगी जाएगी। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद फाइनल सूची जारी होगी।