गोरखपुर और आसपास के व्यापारियों से करीब एक करोड़ की जालसाजी का एक और मामला सामने आया है। कैंट थाने में केस दर्ज न होने पर व्यापारियों ने एसएसपी से मुलाकात कर इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट करने वाली फर्म के खिलाफ शिकायत की है। आरोप है कि फर्म ने माल मंगवाने के बाद व्यापारियों को चेक दिया जो कि बाउंस हो गया। जालसाजी की शिकायत व्यापारियों ने कैंट थाने में की लेकिन केस न दर्ज होने पर शुक्रवार को एसएसपी से मिलकर शिकायत किया।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर के विभिन्न व्यापारियों के करीब 38 लाख और बाहर के व्यापारियों का मिलाकर करीब करोड़ रुपए का माल आठ फरवरी को इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट करने वाली एक फर्म ने मंगाया था। चेक से भुगतान करने के बाद माल लेकर फर्म के प्रोपराइटर चले गए।
उधर, जब व्यापारियों ने खाते में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। फर्म के प्रोपराइटर्स से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जिसके बाद ठगी के शिकार हुए व्यापारियों ने कैंट थाने में शिकायत की थी लेकिन यहां एफआईआर नहीं दर्ज हुई तो गोरखपुर उद्योग व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष और भाजपा महानगर व्यापार प्रकोष्ठ के सहसंयोजक नितिन कुमार जयसवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर जालसाजी को लेकर शिकायत की।
व्यापारियों ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही उसे गिरफ्तार कर पैसा दिलाने की मांग की। एसएसपी ने जल्द ही आरोपी को पकड़ने का भरोसा दिया। इसके अलावा एसएसपी ने व्यापारियों से यह भी कहा कि वे किसी को भी माल देते समय उसके बारे में पूरी जांच पड़ताल जरूर कर लें।
एसएसपी से मिलने वालों में नितिन के अलावा पीड़ित व्यापारियों में अनिल कुमार, अमित गुप्ता, अलका, मोहम्मद सकलेन, छाया श्रीवास्तव, शबनम, शकील अहमद, शक्ति प्रताप यादव, आदि शामिल थे।