गोरखपुर। राप्ती नदी के राजघाट स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट के निर्माण की गुणवत्ता की जांच राजस्थान के विशेषज्ञ करेंगे। घाट पर गुंबद गिरने से दो लोगों की मौत के बाद नगर निगम ने निर्माण की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों की टीम घाट के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, संरचना और निर्माण की गुणवत्ता की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। विशेषज्ञों की जांच में घाट पर बने गुंबद, पिलर, चबूतरे और अन्य निर्माण की मजबूती को परखा जाएगा। खासतौर पर यह देखा जाएगा कि निर्माण में निर्धारित मानकों और तकनीकी मानदंडों का पालन हुआ है या नहीं। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और संरचना की स्थिति भी जांच के दायरे में रहेगी।
घाट का निर्माण सिंचाई विभाग की ओर से कराया गया है। निर्माण पूरा होने के बाद नगर निगम को इसका हैंडओवर किया जाना था, लेकिन वर्ष 2025 में बाढ़ के दौरान नगर निगम ने घाट का हैंडओवर नहीं लिया। इसके बाद से हैंडओवर की प्रक्रिया करीब एक साल से लंबित चल रही थी। अब हादसे के बाद निगम ने इस प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार भाटी के अनुसार विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही हैंडओवर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यदि निर्माण में कोई कमी मिलती है तो उसे दूर कराने के लिए संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए जाएंगे।