मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की खाद्यान वितरण व्यवस्था पूरे देश में बेहतरीन है। तकनीकी को अपनाकर यहां के उन कार्डधारको को नेशनल पोर्टिबिलिटी से जोड़ा गया जो काम के चलते महाराष्ट्र, पंजाब गुजरात या अन्य राज्यों में हैं। इसका फायदा यह है कि किसी भी अन्य राज्य में रहने वाला यूपी का नागरिक अपने राशनकार्ड पर वहां खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है। इसी तरह अन्य राज्यों के नागरिक भी यूपी में खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं।
सीएससी बनने से पूरे प्रदेश की जनता को लाभ
सीएम योगी ने कहा कि सीएससी से 80 हजार कोटेदारों के जुड़ने से उनकी आय बढ़ेगी, अन्य लोगों को भी रोजगार मिलेगा। इन सीएससी से मिलने वाली ई स्टैम्प, आय, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान, आधार, पैन कार्ड समेत अनेक सुविधाओं का लाभ पूरे प्रदेश की जनता को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की सभी 25 करोड़ जनता के जीवन मे व्यापक सुधार लाने को प्रतिबद्ध है।
बैंकिंग सुविधा के लिए बैंकों से होगा एमओयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटे की दुकानों के सीएससी के रूप में सक्षम होने के साथ ही सरकार इनके जरिए बैंकिंग सुविधा के लोगों तक पहुंचाएगी। बैंकों के साथ एमओयू होगा। सरकार कोटेदारों के जरिए सामान्य नागरिक के जीवन में सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोटेदारों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संकट में साथ खड़ा होने वाला ही सच्चा साथी होता है। वैश्विक महामारी कोरोना के दौर में आप सबने देखा होगा कि किस तरह केंद्र व राज्य सरकार हर गरीब के साथ खड़ी रही। महामारी में जितनी मौत बीमारी से होती है, उससे अधिक भुखमरी से। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र व राज्य सरकार ने हर जरूरतमंद को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया।
सीएम योगी ने बताया कि कोरोना महामारी के दौर में भी प्रदेश में 30 लाख नए राशन कार्ड जारी किए गए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिये देश में 80 करोड़ तथा प्रदेश में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया। सबसे बड़ा खाद्यान्न वितरण अभियान उत्तर प्रदेश सरकार ने चलाया। दिसंबर 2021 से प्रदेश में राशनकार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न के साथ 1 किलो दाल, 1 किलो तेल, 1 किलो नमक भी मुफ्त मिल रहा है। इसके अलावा अंत्योदय कार्डधारकों को 1 किलो चीनी भी मुफ्त दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जो सामान कार्डधारकों को उपलब्ध कराया गया वह बेस्ट क्वालिटी का है। कोरोना संकट में जब प्रवासी कामगार वापस उत्तर प्रदेश आए जो सरकार ने पलक पांवड़े बिछा कर उनका स्वागत किया। उनके लिए 6 करोड़ से अधिक लंच पैकेट व पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई। उत्तर प्रदेश से होकर जाने वाले अन्य राज्यों के लोगों को भी भोजन पैकेट व पेयजल उपलब्ध कराया गया। उन यूपी वासियों को जो किन्ही कारणों से सक्षम नहीं थे, उन्हें 15 दिन का राशन व 1000 रुपया भत्ता भी प्रदान किया गया।
कोटेदारों को प्रोत्साहित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में अन्न को ब्रह्म माना जाता है और अन्नदान को सबसे बड़ा दान। राशन वितरण व्यवस्था में आप प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अन्नदान के हकदार बन जाते हैं। आपके लाभांश में की गई वृद्धि के साथ थोड़ी सी ट्रेनिंग लेकर जवाब सीएससी से जुड़ेंगे तो आपकी आय भी काफी बढ़ेगी। यह आपके श्रम और ईमानदारी की आय होगी। ईमानदारी की कमाई का अनुपम सुख होता है जबकि बेईमानी से अर्जित आय को लेकर व्यक्ति हमेशा सशंकित रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार आप कोटेदारों ने प्रशासन के साथ मिलकर निराश्रितों के घर तक राशन पहुंचाने में योगदान दिया है। सोचिए आपको कितना आशीर्वाद मिलता होगा। निराश्रित की मदद, सेवा का परम धर्म है और यह आपको पुण्य का भागीदार बनाता है।
खाद्य आयुक्त व सीएससी के स्टेट के बीच हुआ एमओयू का आदान-प्रदान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त सौरभ बाबू एवं सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड के स्टेट हेड अतुल राय ने एमओयू का आदान- प्रदान किया। इस अवसर पर स्वागत संबोधन प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद वीना कुमारी तथा आभार ज्ञापन खाद्य एवं रसद आयुक्त सौरभ बाबू ने किया। इस दौरान गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, महापौर सीताराम जायसवाल, विधायकगण महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, डॉ विमलेश पासवान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।