गोरखपुर। सूर्यकुंड धाम में चल रहे श्रावण महोत्सव के नौवें दिन शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। सूर्यकुंड धाम विकास समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में व्यास पीठ से पंडित अवनीश शुक्ल ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि संसार में सब कुछ शिव की इच्छा से होता है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव ही कर्म-फल के दाता हैं और वे सच्चिदानंद स्वरूप परम ब्रह्म हैं। भगवान शिव निर्गुण और निर्विकार हैं। वे सत, रज और तम तीनों गुणों से परे हैं। भगवान शिव का नाम संसार रूपी सागर से पार लगाने वाली नौका के समान है। उनकी भक्ति से मनुष्य को सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इससे पहले ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की गई। भोलेनाथ के श्रृंगार, षोडशोपचार पूजन और आरती के बाद श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। सामूहिक रुद्राभिषेक में 107 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं ने शिव महिमा के भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रुद्र महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर मंगल कामना की।
धार्मिक कार्यक्रम पं. सीताराम मिश्र ने संपन्न कराया। संचालन आयोजन समिति के संयोजक परमात्मा राम त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर मदन राजभर, कनक लता, पूनम त्रिपाठी मिश्रा, सरस्वती त्रिपाठी, मनोरमा देवी, श्रद्धा त्रिपाठी, रमेश पांडेय, वीना श्रीवास्तव, अर्चना शर्मा, गायत्री देवी, दिलीप रस्तोगी, अनुपमा श्रीवास्तव और सुभाष मणि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।