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Gorakhpur News: हर दिन 40 मिनट करना पड़ता है क्राॅसिंग खुलने का इंतजार

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- कैंट क्राॅसिंग पर सुबह-शाम ट्रेनों के आवागमन के वक्त लगता है लंबा जाम
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- कोई दूसरा रास्ता नहीं होने के चलते दोनाें तरफ फंसे रहते हैं लोग

- जब स्कूल चलते हैं तो बच्चों को घर से घंटा भर पहले निकलना पड़ता है

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कैंट क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज नहीं होने के चलते केंद्रीय विद्यालय और नीना थापा इंटर काॅलेज में पढ़ने वाले बच्चों और झरना टोला समेत एक दर्जन मोहल्लों के लोगों को हर दिन जान हथेली पर लेकर आना-जाना पड़ता है। वजह यह कि इस क्राॅसिंग पर नौ लाइनें हैं, और किस पर ट्रेन आ या जा रही है, इसके आकलन में जरा सी चूक हुई तो हादसा तय है। वहीं क्राॅसिंग बंद होने पर 40 से 45 मिनट तक इंतजार भी करना पड़ता है।
सोमवार को दोपहर सवा तीन बजे क्राॅसिंग बंद थी। दोनों तरफ बाइक व टैंपो की कतार लगी थी। गेट खुलने का इंतजार कर रहे प्रियेश मिश्रा का कहना था कि यहां ओवरब्रिज या अंडरपास की जरूरत है। सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने के लिए एक घंटे पहले घर से निकलना होता है। पता नहीं कितनी देर तक गेट बंद रहेगा। अक्सर 30-35 मिनट के बाद बीच में कुछ देर के लिए खोलते हैं। इसलिए हम लोग अतिरिक्त समय लेकर चलते हैं, जिससे दिक्कत न हो।
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बनारस इंटरसिटी पकड़ने जा रहे पकड़िहवा के कमलेश चौहान ने कहा कि अभी इस स्टेशन पर जाना बड़ा कठिन काम है। ढाला बंद होने के कारण बैग लेकर पैदल पटरी पार कर प्लेटफाॅर्म पर पहुंचा हूं। ऐसा करना खतरनाक तो है, लेकिन मजबूरी भी है। क्राॅसिंग के पास ठेला लगाने वाले विजय कहते हैं कि सेकेंड इंट्री की चर्चा चल रही है। सेना की दीवार के बगल से रास्ता बनने पर लोगों का आवागमन भी आसान होगा और हम लोगों को भी ग्राहक मिलने लगेंगे।
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