दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। परिसर में नियमित जांच होगी, अगर कोई बाहरी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच की जिम्मेदारी अधिष्ठाता छात्र कल्याण, मुख्य नियंता और उनकी टीम को सौंपी गई है।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में बृहस्पतिवार को अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह एवं मुख्य नियंता ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ बैठक की। बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने की रणनीति बनाई गई। तय हुआ कि अधिष्ठाता छात्र कल्याण और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में भ्रमण किया जाएगा।
इस दौरान विद्यार्थियों के परिचय पत्र या शुल्क रसीद, चालान की कॉपी की जांच की जाएगी। प्रो अजय सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था को बनाए रखने में सभी का सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का परिचय पत्र जल्द ही तैयार हो जाएगा। शीतकालीन अवकाश के बाद इसका वितरण किया जाएगा।